
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) रक्षा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत (Atmnirbhar Bharat) को बढ़ावा देने के लिए 19 नवंबर को झांसी में स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए रक्षा उपकरण तीनों सेना प्रमुखों को सौंपेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की ओर से डिजाइन और विकसित लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) को वायु सेना प्रमुख (Airforce Chief) को सौंपेंगे। इसके अलावा भारतीय स्टार्टअप द्वारा डिजाइन और विकसित किए गए ड्रोन व यूएवी (Drone & UAV) थल सेनाध्यक्ष को और डीआरडीओ (DRDO) द्वारा डिजाइन किए गए और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा नौसेना (Indian Navy)के जहाजों के लिए बनाए गए उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट नौसेनाध्यक्ष को सौंपेंगे।
लड़ाकू भूमिका बढ़ाने Next lavel Technology का इस्तेमाल
पीएमओ ने बताया कि लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) में नई और बेहतरीन तकनीक और रणनीतिक सुविधाओं को शामिल किया गया है। यह जंग के लिए सेना के लिए बेहतर हथियार बनेंगे। इसके अलावा Indian UAV की तैनाती भी भारतीय ड्रोन उद्योग इकोसिस्टम के बढ़ने का प्रमाण है। उन्नत ईडब्ल्यू सूट का उपयोग विभिन्न नौसैनिक जहाजों में किया जाएगा, जिनमें विध्वंसक, युद्धपोत आदि शामिल हैं।
19 नवंबर को झांसी में राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व
प्रधानमंत्री मोदी 19 नवंबर को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के झांसी (Jhansi) में अपनी यात्रा के दौरान शाम लगभग 5:15 बजे 'राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व' के दौरान कई रक्षा पहलों की शुरुआत करेंगे। यह कार्यक्रम झांसी में 17 से 19 नवंबर तक 'आजादी का अमृत महोत्सव' समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे के झांसी खंड में 400 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास भी करेंगे।
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