अरुण जेटली के निधन पर झुकाया गया पार्टी का झंडा, राजकीय सम्मान से मिलेगी अंतिम विदाई

Published : Aug 24, 2019, 12:43 PM ISTUpdated : Sep 10, 2019, 06:44 PM IST
अरुण जेटली के निधन पर झुकाया गया पार्टी का झंडा, राजकीय सम्मान से मिलेगी अंतिम विदाई

सार

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अरुण जेटली का शनिवार दोपहर निधन हो गया। वे 66 साल के थे। 9 अगस्त को एम्स में चेकअप कराने पहुंचे थे, जिसके बाद उन्हें भर्ती कर लिया गया। उन्हें कमजोरी और घबराहट की शिकायत के बाद भर्ती करवाया गया था। शनिवार सुबह ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन उन्हें देखने पहुंचे थे।

नई दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अरुण जेटली का शनिवार दोपहर निधन हो गया। वे 66 साल के थे। 9 अगस्त को एम्स में चेकअप कराने पहुंचे थे, जिसके बाद उन्हें भर्ती कर लिया गया। उन्हें कमजोरी और घबराहट की शिकायत के बाद भर्ती करवाया गया था। शनिवार सुबह ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन उन्हें देखने पहुंचे थे। उनका अंतिम संस्कार रविवार को 2 बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर एम्स से उनके कैलाश कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंच गया है। यहां रविवार सुबह 10 बजे तक उनका पार्थिव शरीर दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद बीजेपी मुख्यालय पर लाया जाएगा।  जेटली का सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का इलाज चल रहा था। वे इस बीमारी के इलाज के लिए 13 जनवरी को न्यूयॉर्क चले गए थे और फरवरी में वापस लौटे थे। इसी के चलते पिछली सरकार में उन्होंने अंतरिम बजट भी पेश नहीं किया था। उनके निधन पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दुख जताया। जेटली के निधन पर बीजेपी के दफ्तर पर शोक जताते हुए पार्टी का झंडा झुकाया गया है। रविवार को उन्हें राजकीय सम्मान देकर अंतिम विदाई दी जाएगी।

नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर जताया दुःख 
पीएम नरेंद्र मोदी ने अरुण जेटली की मौत पर ट्वीट कर दुःख जताया। उन्होंने कहा - ''अरुण जेटली का निधन बीजेपी और उनके लिए बहुत बड़ी क्षति है। पीएम मोदी ने अरुण जेटली के निधन पर शोक जताते हुए कहा, कि उन्होंने अपना एक बहुत अच्छा साथी खो दिया है। मैं उन्हें दशकों से जानता था। मुद्दों पर उनकी बारीक समझ थी। वे हमें कई सुखद यादों के साथ छोड़कर चले गए। हम उन्हें हमेशा याद करेंगे।'' पीएम ने कहा कि बीजेपी और अरुण जेटली अटूट संबध था। एक छात्र नेता के तौर पर उन्होंने लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ी। वे हमारी पार्टी के सबसे पसंदीदा चेहरा थे।' पीएम ने कहा 'वे एक बेहतरीन राजनेता, विद्वान और कानून के ज्ञाता थे। वह एक मुखर नेता थे जिन्होंने आखिर तक देशहित में योगदान किया। उनका जाना बहुत दुखदायी है। मैंने उनकी पत्नी संगीता और बेटे रोहन से बात की है और शोक व्यक्त किया। ओम शांति।'

विदेश दौरा बीच में न छोड़े मोदी

पीएम मोदी ने अरुण जेटली की पत्नी संगीता और बेटे रोहन से भी बात करते हुए अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट की। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जेटली के परिजनों ने पीएम मोदी से अपील की है कि वह अपना विदेश दौरा बीच में नहीं छोड़कर आएं।   

जेटली ने मंत्री बनने से इनकार कर दिया था
मोदी सरकार-2 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मंत्री पद लेने से इनकार कर दिया था। मई 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद  जेटली को वित्त और रक्षा मंत्रालय का प्रभार दिया गया था। वे 2014 में छह महीने रक्षा मंत्री रहे। बाद में मनोहर पर्रिकर रक्षा मंत्री बनाए गए थे। उनके गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद जेटली को 2017 में छह महीने के लिए दोबारा रक्षा मंत्री बने थे। बाद में उनकी जगह निर्मला सीतारमण को दी गई थी।

क्या है सॉफ्टटिश्यू सरकोमा?
सरकोमा कैंसर का ही एक प्रकार है, जो कि हडि्डयों या मांसपेशियों जैसे टिश्यू में शुरू होता है। सॉफ्ट टिश्यू सरकोमा के 50 से ज्यादा प्रकार होते हैं। आमतौर पर यह बाजुओं या पैरों में शुरू होता है। कुछ खास रसायनों के संपर्क में आने, रेडिएशन थैरेपी करवाने या कुछ आनुवंशिक रोग होने की वजह से इसका जोखिम बढ़ जाता है।

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निगम बोध घाट पर रविवार को होगा अंतिम संस्कार

अरुण जेटली का अंतिम संस्कार रविवार को निगम बोध घाट पर दोपहर बाद 2 बजे किया जाएगा। जेटली के पार्थिव शरीर को उनके कैलाश कॉलोनी स्थित आवास पर ले जाया गया है। पार्टी कार्यकता और अन्य लोग जेटली के अंतिम दर्शन कर सकें, इसके लिए रविवार सुबह 10 बजे भाजपा मुख्यालय में उनका पार्थिव शरीर रखा जाएगा। उन्हें उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, सांसद हंसराज हंस, दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता शामिल रहे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि जेटली के निधन ने बौद्धिक पारिस्थितिकी तंत्र में एक बहुत बड़ा शून्य छोड़ दिया है


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