
Arunachal Pradesh. चीन ने भारत को फिर से उकसाने की कोशश की है और अरुणाचल प्रदेश के 11 स्थानों के नाम बदल दिए हैं। चीन की तरफ से पिछले 5 साल में तीसरी बार ऐसा किया गया है। भारत ने इसका कड़ा विरोध किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और आगे भी रहेगा। चीन की तरफ से अरुणाचल प्रदेश में कई गतिविधियां की जा रही हैं, जिससे दोनों देशों के बीच का तनाव कम होने की जगह बढ़ता जा रहा है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
चीन सरकार द्वारा अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम तीसरी बार बदलने पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के स्थानों का नाम बदलना चीन ने पहली ऐसा नहीं किया है। इससे पहले भी चीन इस तरह की बदनियती दिखा चुका है और भारत इसकी कड़ी निंदा है। बागची ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। इस पर चीन का दावा उसकी बदनियती का प्रमाण है। भारत ने चीन सरकार की इस सूची को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
चीन ने 11 जगहों के नाम बदले
चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश के 11 स्थानों का चीनी, तिब्बती और पिनइन लिपि में नामों का सेट जारी किया है। इसमें दो भू भागों के नाम, दो आवासीय क्षेत्र के नाम और 5 पर्वतीय क्षेत्रों के नाम और 2 नदियों के नाम शामिल हैं। चीन सरकार की प्रांतीय परिषद ने तिब्बत के दक्षिण हिस्से का नाम जंगनन कर दिया है। चीन के सरकारी अखबार ने यह जानकारी शेयर की है। इससे पहले 2017 में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 6 स्थानों के नाम बदल दिए थे। वहीं 2021 में 15 स्थानों के नाम भी चीन ने बदल दिए थे।
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