
नई दिल्ली। असम में बुधवार रात हुई कैबिनेट मीटिंग ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सरकार ने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की उस रिपोर्ट को मंज़ूरी दे दी है, जिसमें राज्य की 6 बड़ी कम्युनिटी- ताई अहोम, चुटिया, मोरन, मोटोक, कोच-राजबोंगशी और टी ट्राइब्स (आदिवासी) को शेड्यूल्ड ट्राइब (ST) का दर्जा देने की सिफारिश की गई है। यह फ़ैसला इतने समय से इंतजार कर रहे हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की नई रोशनी बनकर उभरा है। लेकिन क्या यह रिपोर्ट वास्तव में इन समुदायों के जीवन को बदल पाएगी? लोग इस पर नज़रें जमाए बैठे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इन समुदायों ने वर्षों से ST दर्जा पाने की मांग की थी। अगर केंद्र सरकार इस सिफारिश को मंज़ूरी देती है, तो असम को ट्राइबल स्टेट की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि यह कदम न केवल इन समुदायों की उम्मीदों को पूरा करेगा बल्कि राज्य की सामाजिक और राजनीतिक तस्वीर बदलने वाला है। GoM की रिपोर्ट अब असम लेजिस्लेटिव असेंबली के सामने पेश की जाएगी। उसके बाद इसे भारत सरकार के होम मिनिस्ट्री को भेजा जाएगा। शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगु और अन्य सदस्य इस समूह में शामिल थे।
यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। क्या सरकार का यह कदम राजनीतिक माहौल को बदलने की कोशिश है, या वास्तव में इन समुदायों की दशकों पुरानी मांग को पूरा करने का प्रयास? कैबिनेट के इस बड़े निर्णय के बाद लोग ये सवाल पूछ रहे हैं कि अगर केंद्र भी इस रिपोर्ट को मंज़ूरी दे देता है, तो क्या असम को आधिकारिक तौर पर ट्राइबल स्टेट की कैटेगरी में रखा जाएगा? और अगर हां, तो इससे आगे क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं?
इन छह समुदायों ने वर्षों तक धरने, मार्च और विरोध प्रदर्शन किए हैं। उनका दावा है कि वे असम के असली जनजातीय हिस्से हैं, लेकिन आधिकारिक मान्यता न मिलने से उन्हें शिक्षा, नौकरियों और सरकारी योजनाओं में वह लाभ नहीं मिलता, जिसके वे हकदार हैं। सरकार के इस कदम के बाद उम्मीद बढ़ी है कि अब इनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आएगा।
इस रिपोर्ट को शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगु के नेतृत्व में तैयार किया गया। मंत्री पीयूष हज़ारिका और केशव महंता भी इस कमेटी का हिस्सा थे। अब आगे दो महत्वपूर्ण चरण हैं:
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह रिपोर्ट "हम सभी के सपनों को पूरा करेगी।"
कैबिनेट मीटिंग में दूसरा बड़ा फैसला यह था कि रेशम नगर, खानापारा की सरकारी मुगा फार्म की तीन बीघा ज़मीन को हैंडलूम एंड टेक्सटाइल विभाग से हटाकर कल्चरल अफेयर्स विभाग को दे दिया गया है। इस ज़मीन पर एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट टेक्सटाइल हेरिटेज म्यूज़ियम बनाया जाएगा, जहाँ असम के समृद्ध वस्त्र इतिहास को दिखाया जाएगा। सबसे बड़ा आकर्षण होगा-ऐतिहासिक ‘वृंदावनी वस्त्र’, जिसे ब्रिटिश म्यूज़ियम, लंदन से लोन पर लाया जा रहा है। यह वही वस्त्र है जिसे देखने दुनिया भर के लोग UK में जाते हैं।
सरकार के ये दोनों निर्णय-
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