
नई दिल्ली। असम के धुबरी जिला परिषद के सीईओ विश्वजीत गोस्वामी धन कुबेर निकले हैं। उन्हें और सहायक जिला कार्यक्रम प्रबंधक को असम DVAC (Directorate of Vigilance and Anti-Corruption) के अधिकारियों ने रंगेहाथ पकड़ा है। DVAC के अधिकारियों ने चारा डालकर विश्वजीत गोस्वामी को किसी मछली की तरह फंसाया। इसके बाद छापेमारी की गई तो उसका घर नोटों से भरा मिला। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कार्रवाई की तारीफ की है।
DVAC ने ट्वीट कर बताया है कि विश्वजीत गोस्वामी और सहायक जिला कार्यक्रम प्रबंधक को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। असम पुलिस के DVAC के एजेंट्स ने शुक्रवार को गोस्वामी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। सहायक जिला कार्यक्रम प्रबंधक मृणाल कांति सरकार ने सीईओ के कहने पर एक व्यक्ति से 30 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
विश्वजीत गोस्वामी के घर से मिले 2,32,85,300 रुपए
शिकायत मिलने के बाद DVAC के अधिकारियों ने जांच की। मामला सही मिलने पर अधिकारियों ने जाल बिछाया और शुक्रवार को धुबरी के जिला परिषद के सीईओ के ऑफिस में कांति सरकार को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सीईओ के घर पर छापेमारी की गई तो 2,32,85,300 रुपए मिले। पुलिस ने विश्वजीत गोस्वामी और कांति सरकार को गिरफ्तार कर लिया।
इस घटना को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर बताया कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 10 मई 2021 से अब तक 117 सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है। प्रशासन से भ्रष्टाचार को खत्म करने के प्रयास उसी दृढ़ संकल्प और ऊर्जा के साथ जारी रहेंगे।
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