
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार रात तीन हमलावरों ने अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हत्याकांड में तुर्किये में बनी जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल किया गया। भारत में इस पिस्टल को खरीदना और रखना अवैध है। ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 6-7 लाख रुपए है।
ISI ने की थी पिस्टल सप्लाई
उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने FIR में बताया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी द्वारा भारत में विदेशी हथियार पहुंचाए जा रहे हैं। हथियारों को ड्रग्स के साथ पंजाब में सीमा पार से ड्रोन की मदद से पहुंचाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के माफियाओं तक ये हथियार पहुंच रहे हैं।
FIR में बताया गया है कि आईएसआई द्वारा सप्लाई किए गए हथियारों का इस्तेमाल उमेशपाल हत्याकांड में हुई थी। अतीक और अशरफ की निशानदेही पर हथियारों को बरामद किया गया है। ISI ने एके 47 राइफल, .45 बोर की पिस्टल और RDX की भी सप्लाई की गई थी। अतीक और अशरफ की हत्या में इस्तेमाल किए गए जिगाना पिस्टल की सप्लाई भी आईएसआई ने की।
जिगाना पिस्टल से बिना रुके चलाई जा सकती हैं 15 गोलियां
जिगाना पिस्टल की मैगजीन में 15 राउंड गोली लोड होती है। यह सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल है। इससे एक बार में बिना रुके 15 राउंड फायरिंग की जा सकती है। 9mm की इस पिस्टल को तिसास नाम की कंपनी बनाती है। इस पिस्टल के बैरल की लंबाई 4.46-इंच है।
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हथियार चलाना अच्छी तरह जानते हैं तीनों हमलावर
हत्याकांड का जो वीडियो सामने आया है उसमें तीनों हमलावर अतीक और अशरफ पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते दिख रहे हैं। वे अपने टारगेट पर सटीक निशाना लगाते हैं। गोली चलाते वक्त उनके हाथ नहीं हिलते। इसे देख कहा जा रहा है कि तीनों अच्छी तरह हथियार चलाना जानते थे। जिगाना पिस्टल जैसा सोफेस्टिकेटेड हथियार होने के चलते हमलावरों को एक बाद एक गोली चलाने में परेशानी नहीं हुई।
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