Axiom 4 Mission: धरती पर लौटकर शुभांशु शुक्ला क्या करेंगे 8 खास काम

Published : Jul 14, 2025, 10:26 AM ISTUpdated : Jul 14, 2025, 10:27 AM IST
Shubhanshu Shukla

सार

भारतीय अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला 15 जुलाई को धरती पर लौटेंगे। 18 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद, वे कई मेडिकल टेस्ट और पुनर्वास से गुजरेंगे। जानें, धरती पर उनके लिए क्या तैयार है।

Astronaut Shubhanshu Shukla: भारत के अंतरिक्षयात्री और इंडियन एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला 15 जुलाई को धरती पर लौटने वाले हैं। वह Axiom 4 मिशन का हिस्सा है। 18 दिन के मिशन को पूरा कर लौट रहे हैं।

एलन मस्क की कंपनी SpaceX के ड्रैगन अंतरिक्ष यान में सवार होकर शुभांशु शुक्ला और उनके साथी चालक दल के सदस्य कमांडर पैगी व्हिटसन, ईएसए अंतरिक्ष यात्री स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगेरियन अंतरिक्ष यात्री टिबोर कापू लौटेंगे। यह यान सोमवार को शाम 4:30 बजे IST पर आईएसएस (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन) से अनडॉक होगा। यह मंगलवार को दोपहर 3:00 बजे IST के आसपास कैलिफोर्निया के तट के पास प्रशांत महासागर में उतरेगा। वापसी की यात्रा लगभग 22 घंटे चलेगी।

धरती पर आकर शुभांशु शुक्ला क्या करेंगे?

1- अंतरिक्ष से धरती पर आने के बाद शुभांशु शुक्ला और दूसरे अंतरिक्षयात्रियों को ह्यूस्टन स्थित नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर ले जाया जाएगा।

2- शुभांशु शुक्ला यहां भारत लौटने के लिए मंजूरी मिलने से पहले डॉक्टरों की देखरेख में रहेंगे और लैंडिंग के बाद के प्रोटोकॉल से गुजरेंगे।

3- शुभांशु शुक्ला को कई मेडिकल और मनोवैज्ञानिक टेस्ट से गुजरना होगा। उनके शारीरिक फिटनेस, संतुलन, सजगता, उनके दिल की काम करने की क्षमता और रोग निरोधी ताकत की जांच होगी। नासा की मानव स्वास्थ्य और प्रदर्शन टीम ये टेस्ट करेगी।

4- शुभांशु शुक्ला को उनके मिशन के अनुभव और उनके द्वारा किए गए प्रयोगों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

5- शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में रहने के दौरान सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में दो हफ्ते बिताए हैं। उनके शरीर को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अनुकूल होने में समय लगेगा।

6- अंतरिक्ष यात्रा से हड्डियों के घनत्व और मांसपेशियों में अस्थायी रूप से कमी आती है। शरीर के द्रव गुरुत्वाकर्षण नहीं होने से पूरे शरीर में एक बराबर फैल जाते हैं। धरती पर आने पर ये फिर से व्यवस्थित होते हैं। शुभांशु शुक्ला को इन बदलावों से गुजरना होगा।

7- अंतरिक्ष यात्रियों को अक्सर अंतरिक्ष में शुरुआती दिनों में "सूजा हुआ चेहरा", पतली टांगें, दृष्टि में बदलाव और यहां तक कि लंबाई में वृद्धि जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। धरती पर आने पर शरीर वापस पहले जैसी स्थिति में लौटता है। शुभांशु शुक्ला के साथ भी ऐसा होगा। इससे ठीक तरह निपटने के लिए उन्हें पुनर्वास प्रोटोकॉल से गुजरना होगा।

8- शुभांशु शुक्ला को रक्तचाप स्थिर करने के लिए संपीड़न वस्त्र, नमक की गोलियों और पानी से हाइड्रेशन, ताकत, समन्वय और संतुलन को फिर से बनाने के लिए फिजियोथेरेपी दी जाएगी।

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