
Ayodhya Shri Ram Temple: अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में रखे जाने वाली प्रतिमा को फाइनल कर लिया गया है। कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। रामलला की यह प्रतिमा कर्नाटक के विशेष नीले पत्थर से तैयार की गई है। गर्भगृह में प्रतिष्ठित की जाने वाली प्रभु श्रीराम की प्रतिमा का चयन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा किया गया।
पांच साल के बाल रूप में होंगे रामलला
गर्भगृह में जो प्रतिमा स्थापित की जानी है वह प्रभु श्रीराम के बाल रूप में होगी। पांच साल के प्रभु श्रीराम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है। 5 साल के बालक श्रीराम खड़े हुए दिखेंगे, इसमें लोगों को राजा दशरथ के पुत्र और विष्णु अवतार श्रीराम, दोनों रूपों की झलक मिलेगी। कमल के फूल पर विराजमान प्रभु श्रीराम की प्रतिमा करीब 8 फीट तक ऊंची होगी। प्रतिमा को कर्नाटक के स्पेशल नीले पत्थरों को तराश कर बनाया गया है। इसे मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाया है।
कौन हैं अरुण योगीराज?
रामलला की प्रतिमा को बनाने वाले मूर्तिकार अरुण योगीराज मैसूर महल के कलाकारों के परिवार के हैं। 37 साल के अरुण योगीराज ने 2008 में मैसूर विश्वविद्यालय से एमबीए किया। एमबीए के बाद उन्होंने एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी की, लेकिन उसे छोड़कर वह प्रतिमा बनाने लगे। प्रधानमंत्री भी उनकी प्रतिमा की तारीफ कर चुके हैं। जगद्गुरु शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा का निर्माण भी योगीराज कर चुके हैं। यह प्रतिमा केदारनाथ धाम में स्थापित है।
22 जनवरी को राम मंदिर में भगवान राम का अभिषेक होगा। यह समारोह सात दिनों तक चलेगा। इसकी शुरुआत 16 जनवरी को होगी। समारोह के दौरान भगवान राम की मूर्ति के साथ जुलूस निकाला जाएगा। अनुष्ठानिक स्नान, पूजा और अग्नि अनुष्ठान किया जाएगा। 22 जनवरी को सुबह की पूजा के बाद दोपहर के समारोह में शुभ 'मृगशिरा नक्षत्र' में मूर्ति को अपना स्थायी घर मिल जाएगा।
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