आजादी महोत्सव के लिए आदिवासी महिलाओं ने किया ऐसा काम कि हर कोई कह उठा-वाह...

Published : Aug 06, 2022, 04:32 PM ISTUpdated : Aug 06, 2022, 06:38 PM IST
आजादी महोत्सव के लिए आदिवासी महिलाओं ने किया ऐसा काम कि हर कोई कह उठा-वाह...

सार

Har Ghar Tiranga: सखी मंडली (एसएचजी) की महिला सदस्यों द्वारा तिरंगे ले जाने के लिए बड़ी संख्या में लाठी बनाई जा रही है। 'हर घर तिरंगा' अभियान के लिए राज्य के आठ से नौ जिलों से लाठियों की मांग की गई है।

तापी। पूरा देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ के जश्न की तैयारियों में डूबा हुआ है। हर ओर  'हर घर तिरंगा' अभियान को लेकर उत्सुकता और उत्साह देखने को मिल रही है। देश के एलिट क्लास से लेकर आदिवासी समाज तक अपना योगदान देने में जुटा हुआ है। गुजरात के तापी जिले के कुछ आदिवासी गांवों से महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों को केंद्र के हिस्से के रूप में तिरंगा ले जाने के लिए कुल 5.5 लाख बांस की छड़ी तैयार की है। बांस के यह स्टिक, 'हर घर तिरंगा' कार्यक्रम में उपयोग में लाया जाएगा।

राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत मिला है काम

तापी जिला विकास अधिकारी (DDO) दिनेश कपाड़िया ने कहा कि इन एसएचजी को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत यह कार्य दिया गया है और बांस की छड़ें लगभग नौ जिलों को आपूर्ति की जाएंगी। उन्होंने कहा कि तापी के व्यारा तालुका के लगभग आठ आदिवासी गांवों की महिला एसएचजीएस को अभियान में योगदान देने का यह अवसर दिया गया है।

उत्साहित हैं महिलाएं तिरंगा में अपने योगदान को लेकर

कपाड़िया ने बताया कि सखी मंडली (एसएचजी) की महिला सदस्यों द्वारा तिरंगे ले जाने के लिए बड़ी संख्या में लाठी बनाई जा रही है। जब मैं पहली बार उनसे मिला और अपना विचार साझा किया, तो उन्होंने इसे बड़े उत्साह के साथ  लगभग 5.5 लाख बांस की छड़ी को बनाना स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान के लिए राज्य के आठ से नौ जिलों से लाठियों की मांग की गई है।

4 से 5 रुपये में बेची जाएगी यह छड़ी

दो दिनों के भीतर, इन लाठी की आपूर्ति उन जिलों में की जाएगी जहां से मांग आई है। प्रत्येक छड़ी की कीमत 4 रुपये / 5 रुपये तय की गई है। इससे महिलाओं को आजीविका कमाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि एनआरएलएम के लिए राज्य सरकार की कार्यान्वयन एजेंसी, गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी (मिशन मंगलम) के माध्यम से कच्चे माल के लिए 8 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। डीडीओ ने कहा कि जिला प्राधिकरण ने अभियान के लिए तालुका के गांवों में तिरंगे बांटने के लिए 10 अलग-अलग एसएचजी के सदस्यों को भी शामिल किया है।

आजादी महोत्सव में आदिवासियों का भी योगदान

NRLM ग्रामीण गरीबी को दूर करने के उद्देश्य से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक परियोजना है। 'हर घर तिरंगा' 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तत्वावधान में एक अभियान है, जिसका उद्देश्य लोगों को भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर 13-15 अगस्त के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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