
BBC Controversy: इनकम टैक्स की टीम ने मंगलवार को BBC के दिल्ली और मुंबई स्थित ऑफिसों पर छापा मारा। आयकर विभाग द्वारा बीबीसी पर लिए गए इस एक्शन का कांग्रेस ने विरोध करते हुए इसे अघोषित आपातकाल बताया। वहीं, बीजेपी ने 52 साल पुराने वाकये को याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस ने तो 1970 में एक डॉक्यूमेंट्री को लेकर बीबीसी का दफ्तर ही बंद करवा दिया था। आखिर क्या है वो मामला, क्यों बीबीसी पर लिया गया था एक्शन, आइए जानते हैं।
52 साल BBC की इन डॉक्यूमेंट्री पर हुआ था विवाद :
ऐसा नहीं है कि बीबीसी के खिलाफ पहली बार एक्शन लिया जा रहा है। 52 साल पहले यानी 1970 में फ्रांसीसी डायरेक्टर लुइस मैले ने 2 डॉक्यूमेंट्री कलकत्ता और फैंटम इंडिया बनाई थी। इन डॉक्यूमेंट्री में भारत के लोगों की डे-टू-डे लाइफ को दिखाया गया था। इस पर तत्कालीन इंदिरा सरकार ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि इसमें भारत की गलत छवि पेश की गई है।
जब BBC के दफ्तर पर लग गया ताला :
इस डॉक्यूमेंट्री के सामने आने के बाद इसका विरोध होने लगा। चौतरफा विरोध के बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बीबीसी पर एक्शन लेते हुए इसका दिल्ली दफ्तर बंद करवा दिया था। हालांकि, 1972 में दो साल बाद बीबीसी एक बार फिर शुरू हो गया था।
कब हुई BBC की स्थापना?
BBC का पूरा नाम ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन है। इसकी स्थापना 18 अक्टूबर, 1922 को एक निजी कंपनी के तौर पर हुई थी। 1926 में इसे एक सरकारी संस्था बना दिया गया। तब से बीबीसी रॉयल चार्टर के तहत काम कर रहा है। हालांकि, अपने कंटेंट और रिपोर्टिंग के लिए यह पूरी तरह स्वतंत्र है। दुनियाभर में बीबीसी की खबरें 40 भाषाओं में प्रसारित होती हैं। वहीं, इसमें करीब 35 हजार कर्मचारी हैं।
1940 में भारत में शुरू हुआ BBC :
बीबीसी का भारत में पहला प्रसारण 11 मई, 1940 से शुरू हुआ। भारत में बीबीसी की स्थापना का उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप के सैनिकों तक खबरों को पहुंचाना था। बता दें कि इंदिरा गांधी की मौत की खबर भी सबसे पहले बीबीसी ने ही दी थी।
कैसे होती है BBC की फंडिंग?
बता दें कि बीबीसी की कमाई का प्रमुख जरिया ब्रिटेन में टीवी लाइसेंस से होने वाली कमाई है। दरअसल, ब्रिटेन के लोगों को टीवी लेने से पहले लाइसेंस लेना पड़ता है। साथ ही इसके लिए सालाना फीस भी चुकानी होती है। यह फीस बीबीसी को मिलती है। इसके अलावा ब्रिटेन की संसद से बीबीसी को ग्रांट (अनुदान) भी मिलता है।
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