बेंगलुरु पुलिस ने 60 घंटे में आखिर कैसे सॉल्व की 7.11 करोड़ की लूट मिस्ट्री?

Published : Nov 22, 2025, 03:53 PM IST
बेंगलुरु पुलिस ने 60 घंटे में आखिर कैसे सॉल्व की 7.11 करोड़ की लूट मिस्ट्री?

सार

बेंगलुरु कैश-वैन डकैती मामला सुलझा। पुलिस ने 60 घंटों में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर 5.76 करोड़ रुपये बरामद किए। अपराधियों ने RBI अधिकारी बनकर 7.11 करोड़ की लूट को अंजाम दिया था।

बेंगलुरु: राजधानी बेंगलुरु को हिलाकर रख देने वाले एटीएम कैश-वैन डकैती मामले को पुलिस ने तेजी से सुलझा लिया है और अब तक 5.76 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं। बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमंत कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और यह रकम घटना के 60 घंटों के अंदर बरामद की गई है।उन्होंने बताया कि यह एक सोची-समझी और जानकारी पर आधारित डकैती थी और अब तक 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 19 नवंबर को दोपहर करीब 1:20 बजे, 7.11 करोड़ रुपये ले जा रही वैन को डी.जे. हल्ली के पास कुछ अनजान लोगों ने खुद को RBI अधिकारी बताकर रोका था। CMS कंपनी से कैश ले जा रही वैन के अपहरण की रिपोर्ट मिली थी। बाद की जांच में पता चला कि यह घटना दोपहर 12:48 बजे के आसपास अशोक पिलर-जयनगर-डेयरी सर्कल में हुई थी।

अपराधियों ने वैन को रोका, हथियार दिखाकर धमकाया, कैश बॉक्स निकाले और दोपहर 1:16 बजे गाड़ी छोड़कर फरार हो गए। इस संबंध में सिद्दापुर पुलिस स्टेशन में डकैती का मामला दर्ज किया गया था।

केस में क्या थीं चुनौतियां

यह डकैती पूरी तरह से सुनियोजित थी और शुरुआती सुराग बहुत कम थे। अपराधियों ने कई ऐसी जगहों पर गाड़ियां रोकीं, जहां CCTV नहीं थे। ऑपरेशन के दौरान कहीं भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया गया। जांच को भटकाने के लिए कई भाषाओं में बातचीत की गई। कई गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया और उनकी नंबर प्लेटें बार-बार बदली गईं। लूटे गए नोटों के सीरियल नंबर का रिकॉर्ड न होने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल था। गैर-आधिकारिक मीडिया रिपोर्टों ने शुरुआती जांच के संवेदनशील चरणों में बाधा डाली। पुलिस ने बताया कि इन सभी चुनौतियों के बावजूद, तकनीकी विश्लेषण और टीम के मिले-जुले प्रयासों से मामले को जल्दी सुलझा लिया गया।

मामले की जांच कैसे हुई

मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने कई एंगल से जांच की। दक्षिण डिवीजन के 11 पीआई और 02 एसीपी के साथ, सीसीबी डिवीजन के 6 पीआई ने सीनियर अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम किया।

कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों में भी सुरागों का पीछा किया गया (कुछ टीमों ने गोवा तक भी जांच का दायरा बढ़ाया)। मामले में 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। CCTV, गाड़ियों की आवाजाही और स्थानीय खुफिया जानकारी का लगातार विश्लेषण किया गया। पहले 24 घंटों के अंदर ही आरोपियों और इस्तेमाल की गई गाड़ियों के बारे में अहम सुराग मिल गए थे।

बेंगलुरु पुलिस की बड़ी कामयाबी

घटना के 54 घंटे के अंदर तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। 60 घंटे के भीतर 5.76 करोड़ रुपये बरामद कर लिए गए। वारदात में इस्तेमाल की गई एक गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि इस वारदात में कुल मिलाकर बेंगलुरु के 6-8 लोगों का एक गैंग शामिल है।

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