
MUDA Land Scam: सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही MUDA लैंड स्कैम की जांच को नया मोड़ मिल गया है। बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका पर तुरंत कोई निर्णय नहीं दिया जिसमें लोकायुक्त पुलिस की B रिपोर्ट को चुनौती दी गई थी। इस रिपोर्ट में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah), उनकी पत्नी पार्वती और रिश्तेदारों को क्लीन चिट दी गई थी।
विशेष न्यायाधीश ने कहा कि जब तक लोकायुक्त पुलिस अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल नहीं करती तब तक ED की याचिका पर कोई आदेश नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए कि लोकायुक्त पुलिस अपनी जांच पूरी करे और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) से जुड़ा यह जमीन घोटाला पिछले कुछ समय से कर्नाटक की राजनीति में सुर्खियों में है। आरोप है कि एक विशेष जमीन सौदे में नियमों की अनदेखी करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके परिजन को लाभ पहुंचाया गया। लोकायुक्त पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं हैं और आरोपितों को क्लीन चिट दे दी गई थी। मगर ED ने इसे चुनौती दी जिससे मामला फिर गरमा गया।
लोकायुक्त इस घोटाले से जुड़े 130 से अधिक मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है। अदालत ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट आने तक इस विशेष मामले पर कोई भी निर्णय नहीं लिया जा सकता।
कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को यह छूट दी है कि वे अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसका मतलब है कि ED अब इस मामले में जांच को आगे बढ़ा सकती है।
अब यह मामला 7 मई को फिर से कोर्ट में सुना जाएगा। तब तक लोकायुक्त पुलिस से उम्मीद की जा रही है कि वह अपनी विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करेगी।
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