
बेंगलुरु: बेंगलुरु में एक बहुत ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 8 साल की एक बच्ची के पेट में पूरे 3 किलो बाल मिले हैं। इसे देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। बेंगलुरु के नायनडहल्ली में नेटस महिला और बाल अस्पताल के डॉक्टरों ने एक सफल सर्जरी करके चोटी की तरह गुंथे हुए 3 किलो बालों के गुच्छे को बाहर निकाला है। यह बच्ची 'ट्राइकोबेज़ोर' नाम की एक बहुत ही दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थी, जिसमें बाल निगलने की आदत होती है। माना जा रहा है कि वह पिछले 4-5 सालों से बाल निगल रही थी।
इतने सालों तक माता-पिता को इस बात का ज़रा भी शक नहीं हुआ। हाल ही में जब बच्ची का वज़न कम होने लगा, पेट में तेज़ दर्द, उल्टी और पेट पर गांठ जैसी चीज़ महसूस हुई, तो वे उसे नेटस अस्पताल ले आए। वहाँ डॉक्टरों ने जांच की और पेट में गांठ होने की वजह से सीटी-स्कैन कराया। स्कैन रिपोर्ट में बालों का गुच्छा होने की बात सामने आई। इसके बाद सर्जरी करके बालों को निकाला गया। बच्चों के क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. एच.एस. सुरेंद्र के नेतृत्व में डॉ. प्रदीप, डॉ. हेमा, डॉ. दीप्ति, डॉ. केशव मूर्ति और डॉ. मंजुनाथ समेत कई डॉक्टरों की टीम ने यह सफल सर्जरी की।
इस बारे में जानकारी देते हुए डॉ. एच.एस. सुरेंद्र ने बताया, "लगभग 3 किलो बाल एक-दूसरे में लिपटकर करीब 35 सेंटीमीटर लंबी चोटी जैसे बन गए थे। यह बालों का गुच्छा पेट से लेकर छोटी आंत तक फैला हुआ था। हमने पहले बायोप्सी के ज़रिए इसे निकालने की कोशिश की, लेकिन बाल टूट रहे थे। इसलिए, पूरी तरह से इसे निकालने के लिए सर्जरी करनी पड़ी।"
ट्राइकोबेज़ोर का मतलब है बाल निगलने की बीमारी। कुछ लोगों, खासकर महिलाओं में, अपने बाल तोड़कर निगलने की आदत होती है। यह एक मानसिक स्थिति है, जिसे ट्राइकोटिलोमेनिया (बाल खींचना) और ट्राइकोफेजिया (बाल खाना) कहते हैं, जो बाद में एक लत बन जाती है।
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