
नई दिल्ली. चीन से सोलार पैनलों की निर्भरता को कम करने और भारत में इसको बढ़ावा देने के लिए कई कंपनियों ने बोली लगाई। सभी कंपनियों की नजर इस क्षेत्र में मिलने वाले करीबन 20 हजार करोड़ के इंसेंटिव पर है। बोली लगाने वाली कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्री, टाटा पावर और फर्स्ट सोलार जैसी इंटरनेशनल कंपनियां शामिल है। यह कदम भारत को सोलार क्षेत्र में बढ़ावा देने में काफी मदद करेंगे।
अडानी ग्रुप ने नहीं लगाई बोली
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अडानी ग्रुप जो भारत की सबसे बड़ी सोलार पैनल मेकर्स कंपनी है। वो इस बोली में शामिल नहीं हुई।
आत्मनिर्भरता पर फोकस
सोलार पैनल क्षेत्र में मोदी सरकार चाहती है कि भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। भारत में ही सोलार पैनल का निर्माण हो। इससे कई तरह की जॉब तैयार हों, जो आर्थिक उन्नति के लिए फायदेमंद है। साथ ही बाकी देशों पर निर्भरता को कम करना है। इसके अलावा मेक इन इंडिया कैंपेन के जरिए भी सरकार का साफ संदेश है कि भारत मैन्युफैक्चर सेक्टर में आत्मनिर्भर बने।
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