
G20 foreign ministers meeting: जी20 देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हम कुछ अलग समय में मिल रहे हैं। यह एक ऐसा समय है जब दुनिया में गहरे विभाजन हो चुके हैं। पिछले कुछ सालों में हमने आर्थिक संकट, क्लाइमेटिक चेंजस, कोरोना महामारी, टेररिज्म और युद्ध जैसे हालातों से गुजरते हैं7 इससे साफ तौर पर समझा जा सकता है कि ग्लोबल गवर्नेंस फेल हो चुकी है। दुनिया के अहम मुद्दों को संभालने के लिए बनीं संस्थाओं ने अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से नहीं निभाया और वह मुद्दों को हैंडल करने में विफल रही हैं। कई साल की प्रगति के बाद आज हमारे सामने रिस्क है कि कहीं हम सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स में पीछे की तरफ न चले जाएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को जी20 विदेश मंत्रियों की मीटिंग के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक भवन केंद्र में हो रही इस मीटिंग में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि तमाम विकासशील देश इस समय खाद्यान्न संकट से गुजर रहे हैं। वह एनर्जी सिक्योरिटी के लिए कर्ज लेने को मजबूर होकर उनको चुकाने में विफल हो चुके हैं। कर्ज की वजह से उनकी अर्थव्यवस्था संभल नहीं पा रही है।
अमीर देशों की वजह से ग्लोबल वॉर्मिंग, भुगत रहे गरीब देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन पर चर्चा करते हुए कहा कि अमीर देशों ने जो ग्लोबल वॉर्मिंग की है उससे सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब देश ही हैं। इसी के चलते भारत ने G20 प्रेसिडेंसी के तहत ग्लोबल साउथ की आवाज बनने की कोशिश की है।
अब समय मिलकर काम करने का आ गया
भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कहा कि इस समय दुनिया को एकमत होकर काम करने की जरूरत है। दुनिया की चुनौतियों को मिलकर ही संभाला जा सकता है। ऐसे में G20 देशों पर असाधारण जिम्मेदारी है। हम पहली बार वैश्विक संकट के बीच एक साथ आए थे और आज एक बार फिर कई संकटों का सामना कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन जंग, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक-दूसरे के साथ की जरूरत है। जरूरी नहीं की इन मुद्दों पर हम एकमत हों लेकिन हमें साथ मिलकर हल निकालना होगा।
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