
Rajeev Chandrasekhar challenged Shashi Tharoor: तिरुवनंतपुरम के बीजेपी प्रत्याशी राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस प्रत्याशी शशि थरूर को तिरुवनंतपुरम के विकास के लिए बहस की चुनौती दी है। चंद्रशेखर ने शशि थरूर पर गलत सूचना फैलाने का भी आरोप लगाया है। शशि थरूर ने राजीव चंद्रशेखर पर निर्वाचन क्षेत्र में कथित तौर पर धार्मिक नेताओं व प्रमुख वोटर्स को पैसे बांटने का आरोप लगाया था।
चंद्रशेखर ने ट्वीट कर थरूर से पूछे सवाल...
राजीव चंद्रशेखर ने शशि थरूर को आड़े हाथों लेते हुए उनसे झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट पोस्ट किया: 'हम पिछले दो हफ्तों के दौरान कई मंचों पर बहस कर रहे हैं और लोगों ने आपको इन मौकों पर मेरे सवालों के जवाब के लिए संघर्ष करते देखा है। रक्षात्मक मुद्रा में आकर, आपने झूठ फैलाना चुना जिससे न केवल मुझे बदनाम किया गया बल्कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र के कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों को भी बदनाम किया गया। इसलिए आरंभ करने के लिए, आपको मेरे द्वारा पूछे गए निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर देना होगा।
मांफी की मांग करता हूं...
मैं इन निराधार आरोपों को तत्काल वापस लेने और मेरे और इन सम्मानित व्यक्तियों से ईमानदारी से माफी की मांग करता हूं। उसके बाद, आइए तिरुवनंतपुरम के व्यापक विकास के लिए एक रचनात्मक बहस में शामिल हों।
आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप
दरअसल, भारत निर्वाचन आयोग, केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, केरल के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी और आदर्श आचार संहिता के अतिरिक्त सचिव नोडल अधिकारी को राजीव चंद्रशेखर की ओर से एक पत्र भेजा गया है। इस पत्र में शशि थरूर पर राजीव चंद्रशेखर के बारे में झूठ और गलत सूचना फैलाकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
त्रिवेन्द्रम संसदीय क्षेत्र के लिए एनडीए संयोजक वकील वीवी राजेश ने आयोग को यह लेटर भेजा है। लेटर में 6 अप्रैल 2024 को मलयालम समाचार चैनल 24 न्यूज के माध्यम से दिए गए थरूर के बयान पर प्रकाश डाला गया। इस इंटरव्यू में शशि थरूर ने कहा कि राजीव चंद्रशेखर ने सार्वजनिक रूप से उनके नाम का खुलासा किए बिना, निर्वाचन क्षेत्र में प्रमुख मतदाताओं को पैसे की पेशकश की जिसमें पैरिश पुजारी जैसे धार्मिक और सामुदायिक नेता भी शामिल थे। पत्र में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए थरूर और उनकी ओर से काम करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की गई है। साथ ही आरोप वाले वीडियो को रोकने की भी मांग की गई है। राजेश ने कहा कि थरूर के बयान झूठे, तुच्छ और अपमानजनक हैं, जो राजीव चंद्रशेखर को बदनाम करने और तिरुवनंतपुरम में चुनावों की निष्पक्षता को कमजोर करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से दिए गए हैं।
यह पहला मामला नहीं है जब कांग्रेस और उसके उम्मीदवार थरूर पर झूठ और गलत सूचना फैलाने का आरोप लग रहा है। अभी पिछले हफ्ते, कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका देते हुए राजीव चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम जिला कांग्रेस कमेटी और अखिल भारतीय मछुआरा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य जे. मोसेस जोसेफ डीक्रूज़ के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि डीक्रूज ने सीपीआई (एम) के ईपी जयराजन और उनकी पत्नी पीके इंदिरा के साथ गलत व्यापारिक संबंध दिखाने के लिए राजीव चंद्रशेखर की एक पुरानी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करके गलत सूचना फैलाने और आपराधिक साजिश रची है।
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