
नई दिल्ली। पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में टीएमसी (Trinamool Congress) सांसद महुआ मोइत्रा की परेशानी बढ़ने जा रही है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक निगरानी संस्था लोकपाल में शिकायत दर्ज कराई है।
निशिकांत दुबे ने शनिवार को महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकपाल में शिकायत दर्ज कराई और जांच की मांग की। दुबे ने कहा, "मैंने लोकपाल में शिकायत की है। सांसदों और मंत्रियों के भ्रष्टाचार की निगरानी लोकपाल ही करता है। सीबीआई के माध्यम से वह जांच कराता है।"
निशिकांत दुबे ने ओम बिरला को लिखा था पत्र
निशिकांत दुबे ने इससे पहले महुआ मोइत्रा पर लगे आरोपों की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से जांच समिति गठित करने की मांग की थी। उन्होंने यह भी मांग की थी कि मोइत्रा को तुरंत सदन से निलंबित किया जाए। ओम बिरला को लिखे अपने पत्र में दुबे ने कहा था कि हाल के दिनों में मोइत्रा ने संसद में 61 सवाल किए। इनमें से 50 अडानी ग्रुप पर फोकस थे। दुबे ने कहा, "महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछकर व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के व्यावसायिक हितों को हासिल करने और उनकी रक्षा करने के लिए आपराधिक साजिश रची। यह 12 दिसंबर 2005 के 'कैश फॉर क्वेरी' प्रकरण की याद दिलाता है।"
महुआ मोइत्रा ने निशिकांत दुबे को भेजा कानूनी नोटिस
दुबे ने वकील जय अनंत देहाद्राई के पत्र का हवाला देते हुए दावा किया कि उनके पास "अकाट्य" सबूत हैं कि मोइत्रा और व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के बीच रिश्वत का आदान-प्रदान हुआ था। इसके जवाब में मोइत्रा ने निशिकांत दुबे और जय अनंत देहाद्राई को कानूनी नोटिस भेजा था। मोइत्रा ने कहा कि उनपर लोकसभा के सदस्य के रूप में अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए लाभ लेने के आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप अपमानजनक, झूठे और आधारहीन हैं। इसका कोई सबूत नहीं है।
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