जेपी नड्डा के बाद कौन होगा बीजेपी का नया 'सरदार'? रेस में आधा दर्जन नाम लेकिन चौकाने वाले चेहरे पर लग सकता दांव

Published : Jun 10, 2024, 04:04 PM ISTUpdated : Jun 10, 2024, 04:06 PM IST
PM Modi Amit Shah and JP Nadda

सार

बीजेपी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर जिन नामों की चर्चा है, उन पर शीर्ष नेतृत्व शायद ही दांव लगाए। ऐसे में कोई चौकाने वाला चेहरा सामने आए तो आश्चर्य नहीं है।

Who will be after JP Nadda: लोकसभा चुनाव 2024 संपन्न हो चुका है। पीएम मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार की नई कैबिनेट ने शपथ ले ली है। इस शपथ के साथ ही अब बीजेपी के सांगठनिक बदलाव की कवायद भी तेज हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अब सरकार का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में एक व्यक्ति-एक पद की नीति पर चलने वाली बीजेपी को अपने नए अध्यक्ष की तलाश है। हालांकि, बीजेपी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर जिन नामों की चर्चा है, उन पर शीर्ष नेतृत्व शायद ही दांव लगाए। ऐसे में कोई चौकाने वाला चेहरा सामने आए तो आश्चर्य नहीं है।

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे जेपी नड्डा को 2019 में संगठन में लाया गया था। पहले बीजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष और फिर 2020 में पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाए गए जेपी नड्डा का तीन साल का कार्यकाल बीते 2023 के जनवरी में समाप्त होना था लेकिन बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने उनके कार्यकाल को जून 2024 तक एक्सटेंड कर दिया था।

एक्सटेंशन खत्म, संगठन से सरकार में भी हो गए शामिल

जून 2024 में जेपी नड्डा का बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल खत्म हो चुका है। लोकसभा चुनाव की सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी है और नया कैबिनेट शपथ ले चुका है। ऐसे में बीजेपी में अब नए अध्यक्ष की तलाश भी शुरू हो चुकी है। चूंकि, नई कैबिनेट के गठन के पहले तक दो नामों की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में काफी चर्चा थी। एक मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और दूसरा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान। लेकिन दोनों के नई कैबिनेट में समायोजन के बाद इन दोनों नामों की चर्चा को विराम लग चुका है।

इन नामों को लेकर अब चर्चा

दो सीनियर लीडर्स के नाम रेस से बाहर होने के बाद लोकसभा चुनावों में काफी सक्रिय भूमिका में रहे महाराष्ट्र के विनोद तावड़े का नाम काफी चर्चा में है। बीजेपी के महासचिव के रूप में विनोद तावड़े का नई सरकार बनवाने में काफी योगदान रहा है। चुनाव के पूर्व तमाम नेताओं को बीजेपी में शामिल कराने, एनडीए में कई दलों को शामिल कराने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले तावड़े वर्तमान में सबसे प्रभावशाली महासचिवों में एक हैं। मराठा चेहरा तावड़े की छवि एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में होती है। बिहार, महाराष्ट्र सहित कई प्रदेशों में बीजेपी की सरकार बनवाने में तावड़े ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।

तावड़े या सुनील बंसल?

तावड़े की तरह बीजेपी के एक और महासचिव सुनील बंसल का भी नाम अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चर्चा में है। सुनील बंसल, यूपी में बीजेपी की चुनावों में प्रचंड जीत के सूत्रधार के रूप में जाने जाते हैं। संगठन के जानकार सुनील बंसल, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में भी बीजेपी को मजबूती दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे हैं। लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी की कमान भी उन्होंने ही संभाली थी।

ओम माथुर, अनुराग ठाकुर या के लक्ष्मण?

इन दोनों नामों के अलावा राजस्थान के ही ओम माथुर और तेलंगाना के के लक्ष्मण का नाम भी चर्चा में है। ओम माथुर, यूपी के प्रभारी रह चुके हैं। बीजेपी संगठन का जाना माना चेहरा हैं। बीजेपी के कद्दावर नेता रहे भैरो सिंह शेखावत के करीबियों में शुमार रह चुके ओम माथुर का नाम सामने आने पर विरोध का कम सामना करना पड़ेगा। पीएम मोदी के गुजरात के प्रभारी भी रह चुके हैं। के.लक्ष्मण बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। तेलंगाना से राष्ट्रीय अध्यक्ष देकर वह इस राज्य को साध सकती है।

हिमाचल से सांसद बने पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर पर भी पार्टी दांव लगा सकती है। सरकार को जब विपक्ष ने घेरा तो अनुराग ठाकुर जैसे मंत्रिमंडल के युवा चेहरों ने जमकर सामना किया। हर मोर्चा पर बेबाकी से सरकार का बचाव करने वाले अनुराग ठाकुर को इस बार मंत्रिमंडल से बाहर रखा गया है। माना जा रहा है कि संगठन में उनको कोई जिम्मेदारी मिले। अनुराग ठाकुर, बीजेपी यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं।

महिला अध्यक्ष?

भारतीय जनता पार्टी, इस बार महिला अध्यक्ष देने पर भी विचार कर सकती है। संसद में 33 प्रतिशत सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित करने वाली बीजेपी सरकार के पास महिला को संगठन का सर्वोच्च पद देना भी बड़ा मास्टर स्ट्रोक हो सकता है। अमेठी से चुनाव हारने वाली स्मृति ईरानी पर भी बीजेपी दांव लगा सकती है। भाषण कला में माहिर स्मृति ईरानी, मोदी-शाह के लिए एक भरोसेमंद नाम है।

बहरहाल, बीजेपी ने अपने संगठन या सरकार में प्रमुख पदों पर चौकाने वाले चेहरों को हमेशा आगे किया है जोकि किसी भी कयास या चर्चा से बाहर रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी बीजेपी अपने नए मुखिया का नाम ऐलान कर आश्चर्यचकित कर सकती है।

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