
BJP protest against AAP: नई एक्साइज पॉलिसी को लेकर आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं पर लगे आरोप और सीबीआई-ईडी जांच के दौरान कार्रवाईयों के बाद इस मुद्दे को लेकर दिल्ली का राजनीतिक तापमान भी बढ़ता जा रहा है। शनिवार को बीजेपी ने आम आदमी पार्टी के कार्यालयों के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बीजेपी कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफा की मांग कर रहे थे। राजधानी में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कई जगह पर बीजेपी कार्यकर्ता पुलिस बेरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ते दिखे तो तमाम जगहों पर पुलिस से भी कहासुनी हुई।
ED ने दूसरी चार्जशीट को किया दायर
बीजेपी ने ईडी की दूसरी चार्जशीट में आप नेताओं पर भ्रष्टाचार के लगे आरोपों के बाद प्रदर्शन तेज कर दिया है। दरअसल, ईडी ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में 2 फरवरी को दिल्ली शराब घोटाला मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश किया। इसमें आप के विजय नायर, कारोबारी सारथ रेड्डी, विनय बाबू, अभिषेक बोइनपल्ली और अमित अरोड़ा का नाम है। चार्जशीट में मनीष सिसोदिया का नाम नहीं है। ईडी ने कोर्ट में कहा है कि इस मामले में अभी जांच चल रही है। ईडी ने कहा कि हैदराबाद के व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के सहयोगी दिनेश अरोड़ा के साथ साजिश कर पैसे ट्रांसफर किए। उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी की चार्जशीट पर कहा कि यह पूरी तरह से काल्पनिक है।
आप सरकार ले चुकी है नई नीति वापस
केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के प्रतिनिधि, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा सीबीआई जांच के आदेश के बाद पिछले साल केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति को वापस ले लिया था। ईडी ने आरोप लगाया है कि आप नेताओं की ओर से विजय नायर को दिल्ली शराब नीति में लाइसेंस के लिए अग्रिम के रूप में 100 करोड़ रुपये मिले थे। ईडी और सीबीआई ने दावा किया है कि "साउथ ग्रुप" के नाम से जानी जाने वाली एक लॉबी की मिलीभगत और रिश्वत के साथ दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी को संशोधित करते हुए अनियमितताएं की गईं। इस ग्रुप में तेलंगाना की सीएम केसीआर की बेटी कविता, आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस के सांसद मगुंटा श्रीनिवासलु रेड्डी, अरबिंदो फार्मा के सारथ रेड्डी आदि भी शामिल हैं।
क्या है आबकारी नीति करप्शन केस?
दिल्ली सरकार ने बीते साल नई आबकारी नीति लाई थी। दिल्ली आबकारी नीति के लागू होने के बाद आप सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। आरोप है कि इस नीति से डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने करीबियों को लाभ पहुंचाया है। इसके एवज में उनके खास लोगों के माध्यम से करोड़ों रुपयों का ट्रांसफर किया गया है। बीते दिनों दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। गुरुवार को सीबीआई ने मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सीबीआई के एफआईआर में आरव गोपी कृष्णा, पूर्व उप आबकारी आयुक्त आनंद तिवारी और सहायक आबकारी आयुक्त पंकज भटनागर के अलावा नौ व्यवसायी और दो कंपनियों को नामजद किया गया है। सीबीआई ने एफआईआर में कुल नौ निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया है। मनोरंजन और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ विजय नायर, ब्रिंडको स्पिरिट्स के मालिक अमनदीप ढाल, इंडोस्पिरिट के एमडी समीर महेंद्रू, महादेव लिकर्स के सन्नी मारवाह और हैदराबाद के अरुण रामचंद्र पिल्लई के अलावा अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा, अर्जुन पांडेय, पर्नोड रिकार्ड के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट मनोज राय को नामजद किया गया है।
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