
लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर इस महीने फैसला सुना सकता है। इससे पहले अयोध्या में प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर तमाम प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसी को देखते हुए भाजपा ने भी बड़ा फैसला लिया है। भाजपा ने फैसला लिया है कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले राम मंदिर मुद्दे पर टीवी डिबेट में पार्टी का कोई प्रवक्ता हिस्सा नहीं लेगा।
40 दिन लगातार सुनवाई के बाद SC ने फैसला सुरक्षित रखा
रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में 2.77 एकड़ जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने रोजाना 40 दिन तक सुनवाई की है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने 16 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया। 2010 के इलाहाबाद के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ 14 याचिका दायर की गईं थीं।
प्रशासन ने अयोध्या में मीडिया डिबेट पर लगाई रोक
इससे पहले डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी धर्म, समुदाय, देवताओं, प्रख्यात व्यक्तियों के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी नहीं करने के निर्देश जारी किए हैं। राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर किसी भी आयोजन पर भी रोक लगा दी गई है।
अयोध्या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अनूप झा ने 31 अक्टूबर को निर्देश जारी कर कहा, किसी भी व्यक्ति, संगठन या समुदाय को सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। सुरक्षा वजहों के चलते तैनात सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर किसी को भी सार्वजनिक स्थानों पर हथियार ले जाने की छूट नहीं है। किसी कार्यक्रम में लोग अपने लाइसेंस वाले हथियार भी नहीं ले जा सकते। प्रशासन मंदिर शहर के किसी भी क्षेत्र में लोगों को इकट्ठा नहीं होने देगा।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.