
नई दिल्ली। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने सोमवार 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी 'जनता उन्नयन' का ऐलान किया। बेलडांगा में आयोजित एक जनसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा, हमारी पार्टी 2026 में होनेवाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में लड़ेगी। हालांकि, अभी उन्होंने स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया है कि उनकी पार्टी कितनी सीटों पर दांव आजमाएगी। खैर, जो भी हो लेकिन कबीर के नई पार्टी बनाने का सीधा फायदा कहीं न कहीं बीजेपी को हो सकता है। कैसे, आइए जानते हैं।
हुमायूं कबीर के नई पार्टी बनाने से सबसे बड़ा फायदा बीजेपी को होता दिख रहा है। दरअसल, कबीर की पार्टी TMC से मुस्लिम वोट खींच लेगी, जिससे BJP का हिंदू वोट मजबूत होगा। कबीर ने PM मोदी की तारीफ की है और RSS चीफ भागवत के बयान का समर्थन किया, जो BJP के लिए सकारात्मक संकेत है। नई पार्टी 100 सीटों पर जीत का दावा कर रही है, जो कहीं न कहीं BJP-TMC मुकाबले को प्रभावित करेगी।
कबीर के नई पार्टी बनाने से सबसे ज्यादा नुकसान टीएमसी को होगा क्योंकि हुमायूं कबीर मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में TMC का वोट बैंक तोड़ रहे हैं, जहां 2021 में TMC ने मजबूत पकड़ बनाई थी। कबीर ने बेलडांगा में पार्टी लॉन्च कर ममता बनर्जी को खुली चुनौती दी है कि मुर्शिदाबाद में TMC को एक भी सीट नहीं जीतने देंगे। AIMIM जैसे दलों को भी मुस्लिम वोट स्प्लिट से नुकसान हो सकता है।
| पार्टी | प्रभाव | कारण |
| TMC | बड़ा नुकसान | मुस्लिम वोटर खिसकना मुर्शिदाबाद में |
| BJP | अप्रत्यक्ष लाभ | वोट स्प्लिट से TMC कमजोर |
| जनता उन्नयन पार्टी (JUP) | नया आधार | मुस्लिम युवा+असंतुष्ट TMC समर्थक |
| AIMIM | मामूली नुकसान | ओवैसी समर्थकों पर असर |
हालांकि, BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन का कहना है, ‘’हुमायूं कबीर TMC का एजेंट है। ममता बनर्जी ने जानबूझकर हुमायूं कबीर से एक नई पार्टी बनवाई है ताकि मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण हो और ममता से नाराज मुस्लिम वोटर किसी भी सूरत में विपक्ष के पास न जाएं, बल्कि अलग हो जाएं। यह पूरी स्क्रिप्ट ममता बनर्जी की लिखी हुई है''।
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