
मुंबई. महाराष्ट्र में राष्ट्र्रपति शासन के बाद भाजपा ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं। भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने कहा कि भाजपा राज्य में सरकार बनाने की कोशिश जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में देवेंद्र फडणवीस काम कर रहे हैं। राणे ने कहा, मैं पार्टी का नेता होने के नाते सरकार बनाने में मदद करूंगा।
शिवसेना से कांग्रेस होते हुए भाजपा में पहुंचे नारायण ने कहा कि हम जब भी राज्यपाल के पास जाएंगे, 145 विधायकों के साथ जाएंगे। हम सरकार बनाने की कोशिश जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने ही साम दाम दंड भेद सिखाया है।
शिवसेना को मूर्ख बना रहीं कांग्रेस-एनसीपी
राणे ने कहा, मुझे लगता है कि कांग्रेस-एनसीपी शिवसेना को मूर्ख बना रही हैं। शिवसेना उनके साथ नहीं जाएगी।
विचारधाराएं अलग, लेकिन साथ मिलकर सरकार बनाएंगे- ठाकरे
इससे पहले शिवसेना की ओर से उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, हमारे पास छह महीने का समय है, हम एनसीपी, कांग्रेस के साथ बैठेंगे। हमारी विचारधारा अलग है, लेकिन हम साथ काम करेंगे। दो अलग विचारधारा की पार्टी अगर साथ सरकार बनाना चाहती है तो कुछ मुद्दों पर चर्चा जरूरी होती है।''उद्धव ठाकरे ने कहा, ''हमने कल कांग्रेस-एनसीपी से औपचारिक रूप से सरकार बनाने में मदद का अनुरोध किया था। हमें 48 घंटे का समय चाहिए था, लेकिन राज्यपाल ने नहीं दिया।''
कांग्रेस-एनसीपी ने क्या कहा?
दिल्ली से मुंबई पहुंचे कांग्रेस के प्रतिनिधित्व मंडल और एनसीपी नेताओं के बीच बैठक हुई। बैठक के बाद दोनों पार्टियों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा कि हम जल्दी में नहीं हैं। पहले कांग्रेस के साथ चर्चा होगी, इसके बाद ही शिवसेना को गठबंधन देने पर फैसला होगा। कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि हम अपने सहयोगियों के साथ चर्चा करेंगे, फिर हम शिवसेना के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद कोई फैसला लिया जाएगा। दोनों पार्टियों ने राष्ट्रपति शासन को लेकर सवाल भी उठाए।
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