
बेंगलुरु: दर्शन और उनके साथियों ने चित्रदुर्ग से रेणुकास्वामी का अपहरण कर बेंगलुरु में मारपीट कर हत्या कर दी। इस बात को साबित करने के लिए पुख्ता वैज्ञानिक, तकनीकी, मेडिकल और चश्मदीद गवाहों के सबूत हैं। आरोपियों ने जिस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है, उसमें उम्रकैद और मृत्युदंड तक हो सकता है, इसलिए वे जमानत पाने के हकदार नहीं हैं। यह बात सरकारी वकील पी. प्रसन्न कुमार ने कोर्ट में कही।
नट दर्शन के करीबी पवित्रा गौड़ा समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार को भी शहर की 57वीं अतिरिक्त सिटी सिविल और सेशन कोर्ट में जारी रही। बुधवार को एसपीपी प्रसन्न कुमार ने आरोपी पवित्रा गौड़ा, नट दर्शन, रविशंकर और दीपक की जमानत याचिका पर विस्तार से दलीलें पेश कीं।
इस दौरान मौजूद नट दर्शन के वकील सी.वी. नागेश ने गुरुवार को एसपीपी के प्रतिवाद का जवाब देने की बात कही। इस पर न्यायाधीश जय शंकर ने पहली आरोपी पवित्रा गौड़ा, 8, 11 और 12वें आरोपी रविशंकर, नागराज और लक्ष्मण की जमानत याचिका पर फैसला 14 अक्टूबर को सुनाने की बात कही।
इस बीच आरोपी राघवेंद्र और पुट्टस्वामी के वकीलों ने जमानत याचिका वापस ले ली है। इससे पहले एसपीपी प्रसन्न कुमार ने बताया कि दर्शन की जींस पैंट, टी-शर्ट, एक जोड़ी जूते जब्त किए गए थे। पवित्रा गौड़ा की शर्ट, रविशंकर और लक्ष्मण के कपड़े और जूते जब्त किए गए थे। रेणुकास्वामी पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसके बाद दर्शन और अन्य आरोपियों के कपड़ों पर उनके खून के धब्बे मिले हैं।
दर्शन के कपड़े धोकर सुखाए गए थे। उन्हें जब्त कर एफएफआई भेज दिया गया है। लूमिनार टेस्ट से दर्शन के कपड़े और जूतों पर रेणुकास्वामी के खून के धब्बे मिले हैं। इसकी जांच रेणुकास्वामी के डीएनए से करने पर दोनों के बीच समानता पाई गई है। दर्शन के जूते पर लगी मिट्टी का मिलान पट्टनगेरे शेड की मिट्टी से 100 फीसदी मिला है।
रेणुकास्वामी का चित्रदुर्ग से अपहरण कर लाते समय आरोपी और मृतक के एक ही जगह होने के मोबाइल टावर सबूत मिले हैं। मृतक के साथ आरोपियों के दुर्गाबार जाने के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। आरोपियों के साथ मृतक की तस्वीर मिली है। जेड में मृतक रेणुकास्वामी, दर्शन, पवित्रा गौड़ा और अन्य आरोपियों के एक साथ होने की पुष्टि मोबाइल टावर के सबूतों से हुई है। रेणुकास्वामी का अपहरण कर शेड ले जाने तक आरोपी लगातार फोन पर संपर्क में थे। एसपीपी ने बताया कि इस संबंध में फोन कॉल रिकॉर्ड मौजूद हैं।
फरवरी में मृतक ने पवित्रा गौड़ा को इंस्टाग्राम पर गौतम के नाम से मैसेज भेजा था। अगर उनका मैसेज आपत्तिजनक था तो उसे ब्लॉक किया जा सकता था या पुलिस में शिकायत दी जा सकती थी। लेकिन पवित्रा गौड़ा ने मृतक को अपना नंबर दिया और वह मोबाइल फोन पवन को दे दिया।
उसने मृतक के साथ व्हाट्सएप पर चैट की। यानी पवित्रा गौड़ा ने रेणुकास्वामी के अपहरण की साजिश रची थी। अगर एक आरोपी साजिश रचता है तो माना जाता है कि मामले के अन्य आरोपियों का भी यही मकसद था। प्रसन्न कुमार ने दलील दी कि आरोपियों के कृत्य के चश्मदीद गवाह हैं। आरोपी को जमानत देने से पहले अदालत को उसके द्वारा की गई क्रूरता की प्रकृति पर विचार करना होगा।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.