PM मोदी पर बनी BBC डॉक्यूमेंट्री की ब्रिटिश सांसद ने की निंदा, कहा- ये खराब जर्नलिज्म और रिसर्च का नतीजा

Published : Feb 14, 2023, 12:40 PM IST
BBC

सार

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी BBC की डॉक्यूमेंट्री की जमकर निंदा की है। बॉब ने एक इंटरव्यू के दौरान बीबीसी की डॉक्टूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ को एकतरफा बताते हुए कहा कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।

BBC Documentary: ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी BBC की डॉक्यूमेंट्री की जमकर निंदा की है। बॉब ने एक इंटरव्यू के दौरान बीबीसी की डॉक्टूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ को अपमानजनक और कट्टर बताते हुए कहा कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार कभी भी बीबीसी के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। बॉब ने दो पार्ट में बनी इस डॉक्यूमेंट्री को खराब पत्रकारिता और रिसर्च का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह से गलत है। इतना ही नहीं, उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह की डॉक्यूमेंट्री के जरिए चीन भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है।

बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को बताया एकतरफा :

ब्रिटिश सांसद पॉल ब्लैकमैन ने बीबीसी की इस डॉक्यूमेंट्री को एकतरफा बताया है। उनका कहना है कि इसमें गोधरा ट्रेन कांड में हिंदुओं को निशाना बनाने की अनदेखी की गई है। इसमें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी की ओर से दंगों को रोकने के लिए की गई कोशिशों की भी अनदेखी की गई है।

मोदी ने कभी दंगों को बढ़ावा नहीं दिया :

बॉब ब्लैकमैन ने कहा कि बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की शुरुआत में दावा किया जाता है कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र ने दंगों को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। हालांकि, बाद में मोदी को हालात को शांत करने की कोशिश करते हुए कई क्लिप दिखाई गई हैं। ब्लैकमैन के मुताबिक, मोदी ने कभी भी दंगों को बढ़ावा देने की कोशिश नहीं की।

कश्मीरी पंडितों के नरसंहार पर भी की बात :

इससे पहले बॉब ब्लैकमैन ने 25 जनवरी को कश्मीर में हिंदुओं के नरसंहार के 33 साल पूरे होने के मौके पर हाउस ऑफ कॉमन्स में एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कश्मीर में हिंदुओं के उत्पीड़न के बारे में बात करते हुए लोगों को इस नरसंहार को लेकर जागरूक किया था। इस दौरान ब्लैकमैन ने कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने को भी सही ठहराया था।

क्या है मामला?

बता दें कि केंद्र सरकार ने 21 जनवरी को ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री के लिंक शेयर करने वाले कई यूट्यूब वीडियो और ट्विटर पोस्ट को ब्लॉक करने के आदेश दिए थे। इसके बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ा और विपक्ष ने इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। बाद में ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता और एक किसान बीरेंद्र कुमार सिंह ने बीबीसी पर बैन लगाने की गुहार सुप्रीम कोर्ट से लगाते हुए याचिका में कहा था कि बीबीसी भारत और भारत सरकार के खिलाफ पक्षपाती रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री भारत और उसके प्रधानमंत्री के वैश्विक उदय के खिलाफ गहरी साजिश के तहत बनाई गई है। हालांकि, कोर्ट ने रिट याचिका को पूरी तरह गलत बताते हुए उसे खारिज कर दिया था। 

 

ये भी देखें : 

भारत में बीबीसी पर पूर्ण बैन की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज, कहा- नहीं है इसमें दम

 

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