
नई दिल्ली. राजस्थान में राजनीतिक जमीन तलाश रही असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को अब भारतीय ट्रायबल पार्टी (BTP) का साथ मिल सकता है। डूंगरपुर मे पार्टी समर्थित निर्दलीय जिला प्रमुख के हारने के बाद बीटीपी कांग्रेस सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा पहले ही कर चुकी है। फिलहाल भाजपा व कांग्रेस दोनों से नाराज बीटीपी से जुड़ने की रणनीति बनाने में अब कई पार्टियां लगी है। ऐसे में बीटीपी और एआईएमआईएम के साथ आने की चर्चा के बाद राजस्थान में राजनीतिक गलियारे में माहौल गर्म हो गया है।
हालांकि बीटीपी द्वारा अभी तक अधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। पार्टी के नेताओं ने ओवैसी के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से फिलहाल इंकार किया है। प्रदेश में बीटीपी के दो विधायक है। माना जा रहा है कि बीटीपी के किसी भी राजनीतिक पार्टी से गठबंधन कर प्रदेश में बड़ा उलटफेर कर सकता है।
कांग्रेस के धोखे के बाद किसी पर विश्वास करना मुश्किल:घोघरा
बीटीपी के प्रदेश अध्यक्ष वेलाराम घोघरा का कहना है कि आदिवासी क्षेत्र के मुद्दों पर कोई हम से जुड़ सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ लिखने से कोई किसी पार्टी से नहीं जुड़ जाता है। मुद्दों के आधार पर भविष्य में कोई सामंजस्य हो सकता है। उन्होंने कहा किसी पार्टी के जुड़ना या उसमें विलय करना जैसा कोई प्लान नहीं है। जब कांग्रेस ही बीटीपी के साथ धोखा कर सकती है तो अब किसी पर विश्वास करना मुश्किल है।
देश में कांग्रेस की स्थिति हो रही है दयनीय- BJP
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह ने देश में कांग्रेस की स्थिति दयनीय बताते हुए कहा है कि अगर राज्य में निकाय चुनाव स्वतंत्र रुप से होते तो कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाता। अरुण सिंह ने कहा कि बिहार, लद्दाख सहित जहां चुनाव हुए सब जगह कांग्रेस की स्थिति खराब है और अब धीरे धीरे उसकी स्थिति दयनीय होती जा रही हैं। राजस्थान में भी निकाय चुनाव स्वतंत्र रुप से होते तो कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाता।
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