
Budget Session: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा किए गए कैपिटल इन्वेस्टमेंट को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के काम गिनाए और विपक्ष को आईना भी दिखाया। शिवराज सिंह ने कहा, "हमारे देश में जोत का आकार (किसान के पास कितनी जमीन है) वैसे भी छोटा है। किसान के पास औसत जमीन 1-1.5 एकड़ है। ऐसे में किसानों के लिए गुजारा करना कठिन है। जलवायु परिवर्तन के संकटों से भी उसे जूझना पड़ता है।"
कृषि मंत्री ने कहा, "किसान कल्याण भाजपा और एनडीए सरकार के डीएनए में है। हर एक परिस्थिति जब पैदा होती है तो उससे निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तत्काल कदम उठाते हैं। इन्हीं संकटों से निपटने के लिए 1 लाख 37 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट (कृषि क्षेत्र को मिला आवंटन) यहां पास किया गया है। पहले केवल 21 हजार करोड़ रुपए हुआ करता था तब UPA की सरकार थी।"
शिवराज ने कहा, "जलवायु परिवर्तन के संकट को देखते हुए उच्च उपज वाले बीज जो जलवायु अनुकूल हों की 109 किस्में अभी जारी की थी। इस बजट में प्रावधान किया गया है कि हम उच्च उपज वाली 100 से अधिक किस्म के बीज को व्यावसायिक रूप से किसानों को उपलब्ध कराएंगे। इनपर जलवायु परिवर्तन का असर नहीं पड़ेगा। हमने प्रधानमंत्री कृषि धन्य धान्य योजना भी इसलिए बनाई कि कम उत्पादकता वाले जो जिले हैं उनमें इस तरह की कोशिश करेंगे कि उत्पादन और उत्पादकता बढ़े। ICAR निरंतर रिसर्च करता रहता है। उन्होंने आम की फसल का जिक्र किया है। आम की भी ऐसी किस्में विकसित की जा रहीं हैं जिसपर जलवायु परिवर्तन का असर न पड़े। इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखेंगे।"
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.