
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास की धुरी बन जाएगी। करीब 297 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को 15000 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। यह एक्सप्रेसवे निर्धारित समय से करीब 8 महीने पहले ही बनकर तैयार हो गया है। इसे 36 महीने में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन निर्माण कार्य 28 महीने में ही पूरा हो गया। 16 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करेंगे।
सीएम योगी ने किया दौरा
बीते 11 जुलाई को मुख्यमंत् योगी आदित्यनाथ ने जालौन जिले का दौरा कियाष। इसे तीन प्रमुख देवताओं ब्रह्मा, विष्णु और महेश द्वारा संरक्षित बताया जाता है। पीएम के आगमन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सीएम योगी ने यह दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने बुंदेलखंड को क्षेत्र में विकास की धुरी बनाने की अपनी सरकार की योजनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने एक्सप्रेसवे के साथ-साथ जिलों में औद्योगिक क्लस्टर और रक्षा गलियारा बनाने की योजनाओं का जिक्र किया।
बुंदेलखंड में रोजगार के अवसर
सीएम ने कहा कि यूपी सरकार का प्रयास है कि विकास के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हों। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के साथ औद्योगिक गलियारों में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, दूध प्रसंस्करण इकाइयां, हथकरघा आधारित इकाइयां भी होंगी। इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकार ने औद्योगिक गलियारे के लिए बांदा और जालौन जैसे जिलों की पहचान की है। इसके लिए कंसल्टेंसी एजेंसी भी शुरू की गई है। एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे के विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट जिलों में इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
बुंदेलखंड में यूपी डिफेंस कारिडोर
सीएम ने कहा कि पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण बुंदेलखंड लंबे समय तक अविकसित ही रहा। अब यूपी की डबल इंजन वाली सरकार दूसरे कार्यकाल में बुंदेलखंड को फिर से पुनर्जीवित करने में सफल रही है। उत्तर प्रदेश के सात जिले जैसे झांसी, जालौन, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट में विकास की योजनाएं बनी हैं। बुंदेलखंड में ही यूपी डिफेंस कारिडोर बनाया जाएगा, जिससे नई औद्योगिक क्रांति आएगी। इससे निवेश और रोजगार की संभावनाओं का विस्तार होगा।
कब साइन हुआ एमओयू
फरवरी 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 एमओयू साइन किए। जिसमें डेफएक्सपो के लिए भी हस्ताक्षर किए थे। कहा गया कि रक्षा गलियारे के निर्माण के लिए लगभग 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा। इस पहल से तीन लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इस कारिडोर के 6 नोड्स में से सिर्फ झांसी और चित्रकूट ही बुंदेलखंड में हैं। बाकी नोड कानपुर, लखनऊ, आगरा और अलीगढ़ हैं। राज्य में यह रक्षा गलियारा देश में रक्षा निर्माण को बढ़ाने का प्रयास है।
बुंदेलखंड में पानी की आपूर्ति
बुंदेलखंड में लोगों के व्यवस्थित जीवन के लिए पानी पहली आवश्यकता है। पानी उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो इस क्षेत्र में अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। पहली बार किसी सरकार ने बुंदेलखंड की जनता और उसके खेतों की प्यास बुझाने की पूरी कोशिश की है। सीएम योगी के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश की डबल इंजन वाली सरकार ने यह किया है। मोदी-योगी सरकार ने जल जीवन मिशन के माध्यम से बुंदेलखंड में पानी पहुंचाने का काम शुरू किया है। इसका उद्देश्य है कि सभी घरों में पीने योग्य पानी नल से पहुंचे। पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में अर्जुन सहायक नहर परियोजना, बंदाई बांध परियोजना, मिर्च-मसगांव, कुलपहाड़ छिड़काव प्रणाली, खेत तालाब योजना और केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसी कई पहलें भी की गई हैं।
बुंदेलखंड का गौरव बहाल करने का प्रयास
बुंदेलखंड के विकास में एक्सप्रेसवे, डिफेंस कारिडोर और सिंचाई-जल परियोजनाएं ही शामिल नहीं हैं बल्कि यह यात्रा और तेज की जाएगी। 2022-23 के बजट में योगी सरकार ने बुंदेलखंड में कई विशेष योजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। विरासत से समृद्ध यह क्षेत्र सांस्कृतिक पर्यटन का भी हब बनेगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद को 3.5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजपुर के साथ ही महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालपुर का भी समग्र विकास किया जा रहा है। यहां पर बेहतर आवागमन के लिए चित्रकूट में एक एयरपोर्ट भी संचालित होगा।
डकैतों के एरिया में जंगल के राजा
बुंदेलखंड का पाठा इलाका जहां कभी डकैतों के डर से कोई कदम नहीं रखता था, वहां टाइगर रिजर्व बनाने की योजना बनाई जा रही है। टाइगर रिजर्व देशभर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। यह अपराधियों के प्रति यूपी सरकार के सख्त रवैये के कारण ही संभव हुआ है। चित्रकूट के समग्र विकास को लेकर सरकार कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में चित्रकूट यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 32.87 करोड़ रुपये की 15 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। साथ ही 82.55 करोड़ रुपये की 28 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। वहीं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन क्षेत्र के विकास के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक होगा। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से बुंदेलखंड के लोगों के लिए दिल्ली और लखनऊ की आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का प्रवास
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान अधिकतम प्रवास बुंदेलखंड में ही किया। श्री रामचरितमानस मानस जैसे महाकाव्य की रचना करने वाले गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर की भूमि भी यही है। रामचरितमानस के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को पूरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए चित्रकूट का महत्वपूर्ण स्थान है। महर्षि वाल्मीकि की तपस्यास्थली लालापुर भी यहीं है। यह वही जगह है जहां रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ बहादुरी से लड़ते हुए अंतिम सांस ली थी। भगवान राम के चरणों से सुशोभित प्रकृति ने बुंदेलखंड को अनेक उपहार दिए हैं। हालांकि यह अफसोस की बात है कि पिछले कई दशकों से इसके सांस्कृतिक महत्व और इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं के बावजूद पिछली किसी सरकार ने यहां के लोगों के कल्याण के लिए कुछ नहीं किया।
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