नौसेना को मिलेंगे 200 से अधिक ब्रह्मोस मिसाइल, खर्च होंगे 19 हजार करोड़ रुपए, जानें क्यों है यह खास

Published : Feb 22, 2024, 06:55 PM ISTUpdated : Feb 22, 2024, 06:56 PM IST
BrahMos

सार

भारत सरकार ने नौसेना को 200 से अधिक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos supersonic cruise missiles) देने का फैसला किया है। इसपर करीब 19 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। 

नई दिल्ली। भारत सरकार के कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने भारतीय नौसेना के लिए 200 से अधिक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos supersonic cruise missiles) खरीदे जाने को मंजूरी दी है। इसपर करीब 19 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।

नौसेना के ब्रह्मोस मिसाइल के दो वर्जन मिलाकर दिए जाएंगे। ब्रह्मोस के पहले वर्जन का रेंज 290 किलोमीटर है। इसका एक और वर्जन तैयार किया गया है, जिसका रेंज करीब 500 किलोमीटर है। इन मिसाइलों को भारतीय नौसेना के युद्धपोतों पर तैनात किया जाएगा।

क्यों खास है ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल?

ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल दुनिया का सबसे तेज रफ्तार क्रूज मिसाइल है। इसकी गति 2.8 मैक (3,339 किलोमीटर प्रतिघंटा) है। ब्रह्मोस के कई वैरिएंट हैं। इसके जमीन से जमीन, जमीन से समुद्र, समुद्र से जमीन और हवा से जमीन पर लॉन्च किए जाने वाले वैरिएंट हैं। ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल भारत की तीनों सेनाओं (थल सेना, वायुसेना और नौसेना) द्वारा किया जाता है। ब्रह्मोस मिसाइल बेहद तेज रफ्तार होने के साथ अचूक भी है। इसे रडार की मदद से देख पाना और एयर डिफेंस सिस्टम से रोक पाना बेहद कठिन है।

दूसरे देशों को ब्रह्मोस बेच रहा भारत

ब्रह्मोस मिसाइल को रूस और भारत ने मिलकर विकसित किया है। इसे भारत अपने मित्र देशों को बेच भी रहा है। फिलिपिंस ने ब्रह्मोस के तीन बैटरी के लिए 375 मिलियन डॉलर का सौदा किया था। मार्च में फिलिपिंस को ब्रह्मोस मिसाइल मिल जाएंगे। भारत ने 2024-25 में रक्षा निर्यात को बढ़ाकर 35 हजार करोड़ रुपए करने का लक्ष्य रखा है।

यह भी पढे़ं- तुर्किये के पहले 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट ने भरी उड़ान, US ने F-35 देने से किया था इनकार

नवंबर 2022 में भारतीय कंपनी कल्याणी स्ट्रेटेजिक सिस्टम लिमिटेड ने अर्मेनिया को आर्टिलरी गन देने के लिए 155.5 मिलियन डॉलर का सौदा जीता था। यह डील 155 एमएम के तोप के निर्यात के लिए किया गया था। इस ऑर्डर को 2025 तक पूरा करना है। इसके बाद अर्मेनिया ने भारत से पिनाका रॉकेट सिस्टम खरीदने का फैसला किया। दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, मध्य एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों ने भी भारत द्वारा बनाए गए हथियारों को खरीदने में रुचि दिखाई है।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Amit Shah vs Rahul Gandhi : सुनो न सुनो... ऐसा क्या बोले राहुल गांधी जो खड़े हो गए अमित शाह
डिफेंस बजट 1 लाख करोड़ बढ़ा, फिर भी इन 3 देशों से पीछे है भारत