
Cauvery water issue: कावेरी नदी जल विवाद को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कर्नाटक के बीजेपी सांसदों और पीएम मोदी पर चुप्पी का आरोप लगाने पर केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा राज्य सरकार की जिम्मेदारी सांसदों और भारत सरकार पर डालना उनकी संदिग्ध राजनीति को उजागर करती है। सिद्धारमैया अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं और आरोप भारत सरकार पर मढ़ रहे हैं।
क्या कहा केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने?
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर आरोप लगाते हुए कहा कि आप सोच सकते हैं कि यह आपकी सरकार की जिम्मेदारी सांसदों और भारत सरकार पर डालने की एक स्मार्ट रणनीति है लेकिन यह आपकी संदिग्ध राजनीति को उजागर करती है। आपने कावेरी का पानी तमिलनाडु को देने के पहले किसी भी सांसद या विधायक से सलाह नहीं ली। यह आपने अपने यूपीए/INDIA के सहयोगी डीएमके और अपनी राजनीति के दबाव में किया है। आपने हमारे किसान भाइयों के लिए कीमती पानी छोड़ा तो आपने कभी किसी से सलाह नहीं ली। राज्य को आपने गारंटी देकर वोट मांगा था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आप दूसरों को दोष देना बंद करें और किसानों, हमारी कृषि अर्थव्यवस्था और कर्नाटक और बेंगलुरु के लोगों के जीवन और आजीविका की गारंटी के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट और अवसरवादी कांग्रेस की राजनीति की बलि पर कर्नाटक के लोगों के साथ विश्वासघात न करें। हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे। राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री झृठ बोलना बंद करें, लोगों का ध्यान भटकाना बंद करें और हमारे किसानों के जीवन की गारंटी के लिए कार्य करें।
सिद्धारमैया ने लगाया पीएम मोदी और बीजेपी सांसदों पर चुप्पी का आरोप
उधर, कावेरी जल विवाद में कर्नाटक के हिस्से का पानी कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के आदेश पर 5 हजार क्यूसेक पानी तमिलनाडु को देने के आदेश और सुप्रीम कोर्ट द्वारा उस आदेश को बरकरार रखने पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पीएम मोदी और बीजेपी कर्नाटक के 32 सांसदों पर आरोप लगाया है। सिद्धारमैया ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ साल पहले जब यूपीए सरकार थी तो तत्कालीन बीजेपी सांसद वेंकैया नायडू, अनंत कुमार सहित अन्य बीजेपी सांसदों ने कावेरी मुद्दे पर तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखी थी। सिद्धारमैया ने ट्वीट किया कि न्याय के लिए कर्नाटक की पुकार जोरदार और स्पष्ट है। पीएम के साथ कावेरी मुद्दे पर 32 बीजेपी सांसदों की चुप्पी उजागर हुई है। हमारे राज्य की निष्पक्षता की तलाश जारी है। उन्होंने सवाल किया कि अगर हमारी आवाज़ बहरे कानों तक पहुंचती है तो क्या हमारा संघीय ढांचा सार्थक है?
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