
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) ने आरोप लगाया है कि सीबीआई (CBI) ने उनके घर पर छापेमारी के दौरान संवेदनशील दस्तावेज जब्त कर लिए थे। सीबीआई के अधिकारियों ने चीनी कामगारों को अवैध वीजा के लिए रिश्वत से जुड़े मामले में छापेमारी की थी। कार्ति चिदंबरम से लगातार दूसरे दिन दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में रिश्वतखोरी के आरोप में पूछताछ की जा रही है।
लोकसभा को भेजे गए पत्र में कार्ति चिदंबरम ने कहा कि इस तथाकथित छापेमारी के दौरान सीबीआई के कुछ अधिकारियों ने सूचना और प्रौद्योगिकी के लिए संसदीय स्थायी समिति से संबंधित मेरे अत्यधिक गोपनीय और संवेदनशील व्यक्तिगत नोट और कागजात जब्त कर लिए। मैं इस समिति का सदस्य हूं। मैं अवैध और असंवैधानिक कार्रवाई का शिकार हूं। सीबीआई ने भारत सरकार के एक 11 साल पुराने फैसले की जांच की आड़ में दिल्ली में मेरे आवास पर छापा मारा। इस मामले में मेरी कोई भागीदारी नहीं है।
आवाज दबाने के लिए दर्ज किए जा रहे फर्जी मामले
कार्ति ने सीबीआई पर उनके ड्राफ्ट नोट्स और उन सवालों को जब्त करने का भी आरोप लगाया है जो वह पूछना चाहते थे। उन्होंने दावा किया कि गवाहों द्वारा समिति को दिए गए बयानों से संबंधित उनके हाथ से लिए गए नोट भी सीबीआई ने जब्त कर लिए हैं। कार्ति ने केंद्र पर उनके और उनके परिवार के सदस्यों की आवाज दबाने के लिए उनके खिलाफ फर्जी मामले दर्ज करने का अभियान चलाने का भी आरोप लगाया है।
यह भी पढ़ें- मंगलुरु यूनिवर्सिटी में हिजाब पहनकर आईं मुस्लिम लड़कियों का विरोध, धरने पर बैठे छात्रों ने मैनेजमेंट को घेरा
50 लाख रुपए रिश्वत लेने का है मामला
कार्ति चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने 50 लाख रुपए रिश्वत लिया। यह मामला तब का है जब उनके पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 263 चीनी नागरिकों के वीजा की सुविधा के लिए अपने सहयोगी के माध्यम से पंजाब की एक फर्म से कार्ति चिदंबरम ने 50 लाख रुपए रिश्वत लिए।
यह भी पढ़ें- दुश्मन की जासूसी हो या हमला, इन ड्रोनों का इस्तेमाल करती है भारतीय सेना
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.