
नई दिल्ली. चीन से सीमा विवाद के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, पूर्वी लद्दाख में अब भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि, सीडीएस रावत ने कहा, लद्दाख में भारतीय सेना चीन की गलत हरकतों का करारा जवाब दे रही है। हमारा रुख साफ है कि एलएसी की स्थिति पर हमें कोई बदलाव मंजूर नहीं है।
सीडीएस रावत ने कहा, लद्दाख में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी अपने दुस्साहस के चलते भारतीय सेना की मजबूत प्रतिक्रिया की वजह से अप्रत्याशित परिणाम का सामना कर रही है। उन्होंने कहा, सीमा पर झड़पों और बिना उकसावे के सैन्य कारवाई के बड़े संघर्ष में बदलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने कहा, चीन से युद्ध की आशंका कम है।
पाकिस्तान को दिया कड़ा संदेश
जनरल रावत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान के लिए कड़ा संदेश था कि वह भारत में आतंकी भेजेगा तो हम बख्शेंगे नहीं। आतंकवाद से निपटने के भारत के नए तरीकों से पाकिस्तान की चिंता बढ़ी है। रावत ने कहा, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में प्रॉक्सी वॉर छेड़ रखा है, इस वजह से दोनों देशों के रिश्ते बेहद बिगड़े हुए हैं।
भारत और चीन के बीच चल रही 8वें दौर की बातचीत
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए 6 नवंबर को 8वें दौर की सैन्य वार्ता होगी। इस वार्ता में मुख्य तौर पर यह पक्ष रखा जाएगा कि दोनों सेनाएं एक साथ मई 2020 से पहले वाली स्थिति में जाने की शुरुआत करें। हालांकि, भारत और चीन के बीच अभी तक 7 स्तर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन इनमें कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है।
15 जून गलवान में हुई थी हिंसक झड़प
भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सीमा को लेकर विवाद चल रहा है। 15-16 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। हालांकि, इसमें चीन के 40 सैनिक भी मारे गए थे। लेकिन चीन ने अभी तक इसका आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
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