
नई दिल्ली. चीन से विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी की दिशा में कदम उठाते हुए सरकार ने तीनों सेनाओं को 500 करोड़ रुपए तक के हथियार खरीदने के लिए आपात फंड को मंजूरी दी है। इस फंड से तीनों सेनाएं अपनी जरूरत के मुताबिक, हथियार और गोला बारूद खरीद सकेंगे।
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ हिंसक झड़प के बाद एलएसी पर बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती की है। इस तैनाती के बाद सरकार की ओर से हथियारों की खरीद की शक्ति देने की जरूरत महसूस की गई थी। इसी को देखते हुए ये फैसला लिया गया है।
तीनों फोर्स तैयार कर रहे लिस्ट
इस प्रोजेक्ट के तहत डिफेंस फोर्स डिपार्मेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स से सलाह कर जरूरी हथियारों की खरीद कर सकते हैं। तीनों सेनाओं ने पहले ही जरूरी हथियारों और उपकरणों को लेकर लिस्ट बनाना शुरू कर दिया है। इससे वे इन्हें जल्द से जल्द खरीद सकें।
सेना को मिली खुली छूट
इससे पहले रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन सीमा विवाद को लेकर सीडीएस बिपिन रावत, आर्मी चीफ एमएम नरवाणे, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, नौसेना चीफ एडमिरल करमबीर सिंह के साथ बैठक की। बैठक में रक्षा मंत्री ने चीन की हरकतों का जवाब देने के लिए सेना को खुली छूट दी है।
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