
Chandigarh Mayor Manoj Sonkar resigned: चंडीगढ़ मेयर चुनाव में धांधली पर सख्त हुए सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई सोमवार को होगी। सुप्रीम कोर्ट के सुनवाई के पहले बीजेपी के नवनिर्वाचित मेयर मनोज सोनकर ने पद से इस्तीफा दे दिया है। 30 जनवरी को हुए मेयर इलेक्शन में बीजेपी प्रत्याशी मनोज सोनकर ने इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी कुलदीप कुमार को हराया था। इस चुनाव में चुनाव अधिकारी पर बैलेट से छेड़छाड़ का आरोप लगा था। आम आदमी पार्टी ने बैलेट से छेड़छाड़ करते हुए चुनाव अधिकारी का कथित वीडियो कोर्ट में पेश किया था।
8 वोट अवैध कर दिया था
मेयर चुनाव में धांधली का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। बीजेपी प्रत्याशी मनोज सोनकर 16 वोट पाकर जीते थे जबकि कांग्रेस और आप के संयुक्त प्रत्याशी कुलदीप कुमार को 12 वोट मिले थे। 8 वोट अवैध करार दिया गया था। अवैध करार दिए गए वोटों को आम आदमी पार्टी ने दावा किया था और कहा कि चुनाव अधिकारी ने बैलेट से छेड़छाड़ करके वोटों को अवैध किया ताकि बीजेपी प्रत्याशी चुनाव जीत सके।
उधर, मेयर चुनाव में 8 वोट अवैध किए जाने के बाद I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल आप और कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया था। दरअसल, मेयर का चुनाव मूल रूप से 18 जनवरी को होना था लेकिन पीठासीन अधिकारी के बीमार पड़ने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने इसे 6 फरवरी के लिए टाल दिया था। हाईकोर्ट ने 24 जनवरी को प्रशासन को निर्देश दिया कि 30 जनवरी को सुबह 10 बजे मेयर चुनाव कराया जाए।
चुनाव हारने के बाद आप ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
हारने के बाद आम आदमी पार्टी ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा सबसे पहले खटखटाया लेकिन कोर्ट ने कोई अंतरिम राहत नहीं दी तो कुलदीप कुमार ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने सुनवाई में कहा कि वह लोकतंत्र की हत्या की अनुमति नहीं देगा। कोर्ट ने सभी रिकॉर्ड सुरक्षित करने का आदेश देने के बाद अगली तारीख पर चुनाव अधिकारी अनिल मसीह को पेश होने का फरमान जारी किया। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि वह लोकतंत्र की हत्या की अनुमति नहीं देगा। रिटर्निंग ऑफिसर ने जो किया वह लोकतंत्र की हत्या जैसा था। यह साफ है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने बैलेट पेपर्स के साथ छेड़छाड़ की दिया है। यह लोकतंत्र का मजाक है। यह लोकतंत्र की हत्या है। सीजेआई ने कहा कि इस आदमी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
आप की मुश्किलें कम नहीं...
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी कैंडिडेट की जीत में धांधली का आरोप लगाने वाली आम आदमी पार्टी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। बीजेपी के नवनिर्वाचित मेयर मनोज सोनकर ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के एक दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया लेकिन अब अगर फिर चुनाव हुए तो आम आदमी पार्टी को कांटे के मुकाबले से गुजरना होगा। दरअसल, आप के तीन पार्षद - पूनम देवी, नेहा और गुरुचरण काला ने बीजेपी ज्वाइन कर लिया है। 35 सदस्यीय चंडीगढ़ नगर निगम में भाजपा के 14 पार्षद थे। तीन आप पार्षदों के ज्वाइन करने से यह संख्या 17 हो गई है। शिरोमणि अकाली दल का एक पार्षद भी बीजेपी के समर्थन में है। ऐसे में बीजेपी के पास 18 पार्षदों की संख्या हो गई। बीजेपी सांसद किरण खेर भी पदेन सदस्य हैं और वह वोट कर सकती हैं। मेयर चुनाव में बीजेपी के पास 19 की संख्या हो गई। जबकि आम आदमी पार्टी के पास अब केवल 10 पाषर्द बचे हु हैं। सात पार्षद कांग्रेस के हैं। ऐसे में उनकी कुल संख्या 17 होगी।
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