
Chandrayaan-3 mission: चंद्रयान-3 धीरे-धीरे चांद के करीब पहुंचना शुरू कर दिया है। शनिवार को चंद्रयान को सफलतापूर्वक चंद्रमा की आर्बिट में स्थापित कराया गया। अब चंद्रयान-3 चांद की ग्रैविटेशनल फील्ड में पहुंच गया है। इसरो ने भारत के मिशन मून की इस सफलता के बारे में बताया कि तीसरे चंद्र मिशन के लिए भेजे गए चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक चंद्रमा की आर्बिट में स्थापित कर दिया गया है।
इसरो ने एक बयान में कहा कि चंद्रयान-3 को चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। पेरिल्यून पर रेट्रो-बर्निंग कमांड मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (MOX), ISTRAC (ISRO टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क), बेंगलुरु से दिया गया था। पेरिल्यून, स्पेसक्रॉफ्ट के लिए चंद्रमा का सबसे निकटतम प्वाइंट है। इसरो ने बताया कि अगला ऑपरेशन रिडक्शन ऑफ आर्बिट अब रविवार की रात 11 बजे होना है।
पृथ्वी की आर्बिट से पहले ट्रांसलूनर आर्बिट में एंट्री
पृथ्वी की आर्बिट से चंद्रयान-3 को सबसे पहले एक ट्रांसलूनर आर्बिट में प्रवेश कराया गया। ट्रांसलूनर आर्बिट में प्रवेश करते ही चंद्रयान-3 चांद के प्रभाव क्षेत्र में प्रवेश कर लिया। करीब चार दिनों में ट्रांसलूनर आर्बिट से चंद्रयान-3 सीधे चंद्रमा की आर्बिट में प्रवेश कराया गया। इसरो ने दो दिन पहले कहा था कि चांद के आर्बिट में इसको प्रवेश तब दिलाया जाएगा जब चंद्रयान-3 चंद्रमा के निकटतम बिंदु (पेरिल्यून) पर होगा। इसरो ने 5 अगस्त को चंद्रयान-3 के पेरिल्यून के पास पहुंचने पर चांद के आर्बिट में प्रवेश कराया।इसके पहले मंगलवार को इसरो ने चंद्रयान को पृथ्वी के सबसे करीब पेरिगी बिंदु पर फायर कराया। सफल पेरिगी फायरिंग के बाद यह ट्रांसलूनर आर्बिट में स्थापित हो गया।
इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रांसलूनर इंजेक्शन के बाद चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान पृथ्वी की कक्षा से निकल गया और अब उस आर्बिटपॉथ की ओर जा रहा है जो उसे चांद के पास लेकर जाएगा। अब चंद्रयान का अगला पड़ाव, चंद्रमा है। इसरो के मुताबिक, यह 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करेगा। चंद्रयान-3, 14 जुलाई को लांच किया गया था। मिशन मून, भारतीय स्पेस साइंस का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है।
यह भी पढ़ें:
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.