
ED multi-city raids in Chhattisgarh: ईडी ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में रेड किया है। मनी लॉन्ड्रिंग के केस में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई सहित तीन लोगों को अरेस्ट गुरुवार को अरेस्ट किया है। रेड के बाद यह गिरफ्तारियां हुई हैं। फेडरल एजेंसी ने राजधानी रायपुर से इंद्रमणि समूह के कारोबारी सुनील अग्रवाल और फरार कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के चाचा लक्ष्मीकांत तिवारी को हिरासत में लिया है। एजेंसी ने करीब 4 करोड़ रुपये नकद और आभूषण भी जब्त किए हैं। तीनों को पीएमएलए के तहत कार्रवाई की गई है। स्पेशल कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 21 अक्टूबर तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है।
कौन हैं गिरफ्तार किए गए आईएएस अधिकारी विश्नोई
समीर विश्नोई 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी विश्नोई, राज्य में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) के सीईओ के पद पर तैनात हैं। विश्नोई को राज्य के सहकारी विपणन संघ यानी मार्कफेड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार है। इन पदों पर रहने के पहले वह भूपेश बघेल के ही कार्यकाल में भूविज्ञान और खनन विभाग के निदेशक और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) के एमडी भी रह चुके हैं।
क्या है पूरा मामला?
ईडी राज्य में हुए कोयले के अवैध कारोबार से मनी लॉन्डिंग के सिलसिले में जांच कर रही है। इसी सिलसिले में गुरुवार को ईडी ने महासमुंद जिले के रहने वाले लक्ष्मीकांत तिवारी जोकि पेशे से अधिवक्ता हैं, के परिसरों पर रेड किया। इसके अलावा रायपुर में बिजनेसमैन सुनील अग्रवाल के ठिकानों पर भी रेड किया। ईडी ने 11 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के सरकारी अधिकारियों, व्यापारियों व निजी संस्थाओं के विभिन्न ठिकानों पर कोयला एवं खनन ट्रांसपोर्टर्स से अवैध लेवी और मनी लॉन्डिंग के सिलसिले में रेड किया था। गुरुवार को एक आईएएस समेत तीन लोगों को अरेस्ट भी कर लिया।
एक आईएएस के आवास को किया सील
ईडी ने रायगढ़ की जिला कलेक्टर रानू साहू के आवास को भी सील कर दिया है। मंगलवार से शुरू हुई ईडी रेड के बाद से वह उपलब्ध नहीं थीं। रानू साहू ने ईडी को मेडिकल पर होने की सूचना दी थी। रानू साहू 2010 बैच की आईएएस हैं। उनको रायपुर में ईडी ऑफिस में आने के लिए समन किया गया था लेकिन मेडिकल पर होने की वजह से नहीं आ सकी हैं। उधर, ईडी की एक टीम ने सीआरपीएफ की एक सिक्योरिटी टीम के साथ रायगढ़ और कोरबा जिलों में खनन कार्यालयों का भी सर्वे किया। एजेंसी ने ताजा तलाशी के दौरान करीब 4 करोड़ रुपये नकद और आभूषण भी जब्त किए हैं।
इन्कम टैक्स की शिकायत पर दर्ज हुआ है केस
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट की शिकायत और कथित लेवी जबरिया वसूली में दायर किए आरोप पत्र के आधार पर किया है। बीते जून-जुलाई में टैक्स डिपार्टमेंट ने सूर्यकांत तिवारी और राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी सहित कोयला परिवहन और जुड़े व्यवसायों में लगे छत्तीसगढ़ स्थित एक समूह पर छापा मारा था।
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