
Mid day meal menu: पश्चिम बंगाल में स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों के बच्चों के मिड डे मील में चिकन और फलों को जोड़ दिया है। अब बच्चों को मध्याह्न भोजन में चिकन और मौसमी फल भी परोसा जाएगा। सरकार ने कहा कि बच्चों को एक्स्ट्रा न्यूट्रिशन के लिए चिकन और सीजनल फल देने का फैसला किया गया है। इसके लिए मिड डे मील अकाउंट में 371 करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटित किया जा रहा है।
सरकार ने जारी की अधिसूचना...
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि पीएम पोषण के तहत बच्चों को मिड डे मील में अतिरिक्त न्यूट्रिशन के लिए चावल, आलू, सोयाबीन और अंडे दिए जा रहे थे। अब मध्याह्न भोजन मेनू में इनके अलावा चिकन और मौसमी फलों को भी जोड़ दिया जा रहा है। चार महीना के लिए 371 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट भी आवंटित किया जा रहा है। वर्तमान में स्कूलों में मिड-डे मील के हिस्से के रूप में छात्रों को चावल, दाल, सब्जियां, सोयाबीन और अंडे दिए जाते हैं।
हर स्टूडेंट पर मौसमी फल और चिकन के लिए 20 रुपये एक्स्ट्रा
राज्य सरकार ने बताया कि प्रत्येक स्टूडेंट को अतिरिक्त पोषण प्रदान करने के लिए हर सप्ताह प्रति बच्चे 20 रुपये के हिसाब से धन आवंटन किया गया है। इस अतिरिक्त धन से चिकन और मौसमी फल भी अब सप्ताह में एक बार दिया जाएगा। राज्य द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों (Government schools and aided schools) में 1.16 करोड़ से अधिक छात्र मिड डे मील योजना का लाभ उठाते हैं। इस योजना के लिए राज्य और केंद्र 60:40 के अनुपात में लागत साझा करते हैं। हालांकि, 371 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन पूरी तरह से राज्य द्वारा किया गया था।
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