
नई दिल्ली. झोलाछाप डॉक्टर किस कदर जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं, उसका बड़ा उदाहरण दिल्ली में हुई एक घटना से मिलता है। एक साल के मासूम को मामूली उलटी-दस्त हुआ। झोलाछाप डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया। कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि झोलाछाप डॉक्टर के पास कोई लाइसेंस और डिग्री नहीं है।
दिल्ली के सोनिया विहार इलाके की घटना है
मामला दिल्ली के सोनिया विहार इलाके का है। रामनाथ अपनी पत्नी आरती के साथ रहते हैं। आर्यन नाम का उनका इकलौता बेटा था। 20 दिसंबर की रात आर्यन की तबीयत बिगड़ी। 21 दिसंबर की सुबह 9 बजे उसे अस्पताल ले जाने लगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पताल ले जाते वक्त पास के क्लिनिक चलाने वाले शख्स ने कहा, कहां लेकर जा रहे हो, बच्चे को मैं ही ठीक कर दूंगा।
इसके बाद बच्चे को इंजेक्शन लगाया
मां-पिता भी मान गए। वह बच्चे को वहीं दिखाने के लिए रुक गए। झोलाछाप डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाया। दवा दी। शाम को फिर इंजेक्शन लगाया। 22 दिसंबर की सुबह बच्चा उठा नहीं। उसकी मौत हो चुकी थी।
"अमर क्लिनिक" चलाता था शख्स
पुलिस के मुताबिक सोनिया विहार में ही अमर क्लिनिक थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी यूपी के बागपत का रहने वाला है। बच्चे का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद भी पता चल पाएगी कि मौत की वजह क्या थी।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.