
कोलकाता. प बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और टीएमसी के बीच राजनीतिक तल्खी बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने हाल ही में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के बाद तीन आईपीएस अफसरों को वापस बुला लिया था। इस मामले में ममता बनर्जी ने केंद्र पर निशाना साधा था। अब ममता बनर्जी विपक्ष को एकजुट करने में लग गई हैं। उन्होंने एनसीपी चीफ शरद पवार से फोन पर बात की है। इसकी जानकारी एनसीपी नेता नवाब मलिक ने दी।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने कहा, भाजपा जिस तरह से पश्चिम बंगाल की सरकार को अस्थिर करने में जुटी है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, तीन आईपीएस अधिकारियों को वापस बुलाने का मामला गंभीर है। इस मामले में शरद पवार अन्य राजनीतिक दलों से बात करेंगे।
एकजुट होगा विपक्ष
मलिक ने कहा, जिस तरह से भाजपा राज्य सरकारों को अस्थिर करने में सत्ता का दुरुपयोग कर रही है, उसके खिलाफ विपक्ष को एकजुट करेंगे। उन्होंने कहा, इसे लेकर शरद पवार दिल्ली भी जा सकते हैं।
एंटी भाजपा रैली पर फोकस
ममता बनर्जी ने आईपीएस के तबादले के मामले पर साथ देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और डीएमके चीफ एम.के. स्टालिन का आभार जताया। इसके अलावा उन्होंने एनसीपी नेता शरद पवार से भी बात की। ऐसे में बताया जा रहा कि ममता अगले महीने कोलकाता में भाजपा के खिलाफ विपक्ष की बड़ी रैली कर सकती हैं।
भाजपा ने कहा, ये फुके बल्ब की झालर
उधर, भाजपा नेता और मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विपक्ष को फुके हुए बल्ब की झालर बताया। उन्होंने कहा, ये फुके बल्ब की झालर है, ये रोशनी नहीं कर सकते। पश्चिम बंगाल में वे पहले भी आ चुके हैं। इनसे पश्चिम बंगाल का भला नहीं होगा। बंगाल का भला काम से होगा जो वे (ममता बनर्जी) करती नहीं हैं।
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