Pinarayi Vijayan ED Raid: पिनराई विजयन और उनकी बेटी से जुड़े किन ठिकानों पर ED ने छापेमारी की? CMRL मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वीणा विजयन और उनकी कंपनी पर क्या आरोप हैं? ED की कार्रवाई के दौरान केरल में समर्थकों ने किस तरह विरोध प्रदर्शन किया?

CPM Workers Protest ED: केरल की राजनीति एक बार फिर उस मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जहां सत्ता, जांच एजेंसियां और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिवार से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की छापेमारी ने सियासी हलचल तेज कर दी है। मामला सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कार्रवाई के दौरान विरोध, नारेबाजी और कथित पत्थरबाजी ने पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया।

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बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई CMRL मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी हुई है, जिसमें पहले से ही पिनराई विजयन की बेटी वीणा विजयन और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का नाम चर्चा में रहा है। ED की इस कार्रवाई के बाद केरल में राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया है।

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एक साथ कई जगहों पर ED की कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बुधवार को केरल में करीब 10 स्थानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। इनमें तिरुवनंतपुरम में स्थित पिनराई विजयन का किराए का आवास, कन्नूर स्थित उनका पैतृक घर और उनकी बेटी वीणा विजयन का घर भी शामिल बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार ED की टीम दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही थी। हालांकि एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

CMRL केस क्या है?

जिस मामले को लेकर यह कार्रवाई की जा रही है, वह CMRL यानी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप हैं कि कुछ वित्तीय लेन-देन और कारोबारी समझौतों के जरिए कथित अनियमितताएं हुईं। इसी सिलसिले में वीणा विजयन और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का नाम सामने आया था।

विपक्ष लंबे समय से इस मामले को लेकर राज्य सरकार और वाम दलों पर सवाल उठाता रहा है। वहीं सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

ED टीम के बाहर निकलते ही बढ़ा तनाव

छापेमारी के दौरान कई जगहों पर सीपीएम कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक जब ED की टीम कार्रवाई पूरी करके बाहर निकलने लगी, तब कुछ समर्थकों ने उन्हें गेट पर ही रोकने की कोशिश की।

मौके पर नारेबाजी और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी देखने को मिली। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने ED अधिकारियों की गाड़ियों को घेर लिया। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कुछ वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए।

स्थिति तनावपूर्ण होती देख स्थानीय पुलिस और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों को वहां से सुरक्षित निकाला गया और पुलिस स्टेशन पहुंचाया गया।

राजनीतिक माहौल हुआ गरम

इस पूरे घटनाक्रम के बाद केरल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने मामले को भ्रष्टाचार और सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों के संरक्षण का मुद्दा बताया है। वहीं वामपंथी दलों का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

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