राहुल गांधी ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने छात्रों पर पैलेट गन, शॉक बैटन और कीलों वाली लाठियों के इस्तेमाल का दावा किया।
Rahul Gandhi PC: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार 29 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का खुलकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दे उठाना उनका अधिकार है और वे आगे भी ऐसा करते रहेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने एक प्रेजेंटेशन के जरिए पुलिस एक्शन से जुड़ी 5 तस्वीरें भी दिखाईं। साथ ही उन्होंने कहा छात्रों के साथ जो हुआ, वह बेहद गंभीर मामला है।
'छात्रों के साथ बर्बरता हुई' : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए इस समय सबसे बड़ा मुद्दा छात्रों के साथ कथित तौर पर हुई हिंसा है। उन्होंने कहा, "संसद से करीब 500 मीटर की दूरी पर देश के छात्रों को पीटा गया। जो छात्र सवाल पूछ रहे थे और अपनी बात रख रहे थे, उनके साथ हिंसक व्यवहार किया गया।" उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और एक छात्र की एक आंख की रोशनी जाने की आशंका है।
'एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा'
राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने संबंधित छात्र का एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है। उनके अनुसार, "एक छात्र को पैलेट गन से गोली लगी है और उसकी एक आंख जाने की पूरी संभावना है। मेडिकल सर्टिफिकेट में भी पैलेट गन से चोट लगने का उल्लेख है।" इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
शॉक बैटन और कीलों वाली लाठियों के इस्तेमाल का आरोप
राहुल गांधी ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान शॉक बैटन और कीलों वाली लाठियों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और नाबालिगों को भी नहीं बख्शा गया। उनके शब्दों में, "पुलिस को यह तरीका कहां से मिला? महिलाओं और नाबालिगों तक को कीलों वाली लाठियों से पीटा गया।"
'पुलिस अधिकारी को प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते देखा'
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि उन्होंने एक पुलिस अधिकारी को प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए भी देखा। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाए।
अमित शाह को लेकर क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने दावा किया कि जब वे संसद भवन में मौजूद थे, तब उन्होंने स्वयं अमित शाह को पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए देखा। उन्होंने कहा, "मैंने अपनी आंखों से अमित शाह को पुलिस अधिकारियों को बुलाते हुए देखा। मैंने जितेंद्र सिंह को भी अमित शाह के लगातार फोन आते हुए देखा। इससे साफ था कि उन्हें वहां की पूरी जानकारी थी।" इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है।
लोकसभा में भी उठाया था मुद्दा
राहुल गांधी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस लोकसभा में हुई तीखी बहस के कुछ घंटे बाद हुई। लोकसभा में भी उन्होंने आरोप लगाया था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था।
'माफी मांगने को कहा गया, लेकिन नहीं मांगूंगा'
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि यदि वे माफी मांग लेते हैं, तो उन्हें लोकसभा में अपना भाषण पूरा करने दिया जाएगा। इस पर उन्होंने कहा, "मुझे बोलने नहीं दिया गया। राजनाथ सिंह और किरेन रिजिजू को कई बार बोलने की अनुमति मिली। मुझे कहा गया कि अगर मैं माफी मांग लूं तो भाषण पूरा कर सकता हूं।" हालांकि उन्होंने साफ कहा कि, “मैं भाजपा या आरएसएस से किसी भी परिस्थिति में माफी नहीं मांगूंगा।”


