Bach Baras Par Kya Khaye: धर्म ग्रंथों में संतान की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए कईं व्रतों के बारे में बताया गया है। बछ बारस भी इन व्रतों में से एक है। ये व्रत हर साल भाद्रपद मास में किया जाता है।
Bach Baras Vrat Ke Niyam: हिंदू धर्म में बछ बारस के व्रत का खास महत्व माना जाता है। यह व्रत संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गाय और उसके बछड़े की पूजा करने का विधान है। बछ बारस को गोवत्स द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को खान-पान से लेकर रोजमर्रा के कामों तक कुछ खास नियमों का पालन करना होता है। मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से व्रत पूरा माना जाता है। आगे जानिए बछ बारस पर क्या करना चाहिए और किन कामों को करने से बचना चाहिए…
कब है बछ बारस 2026?
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण द्वादशी तिथि 7 सितंबर, सोमवार शाम करीब 5 बजे से शुरू होगी, जो 8 सितंबर, मंगलवार दोपहर 2 बजकर 42 मिनट तक रहेगी। जिन स्थानों पर बछ बारस की पूजा शाम के समय करने की परंपरा है, वहां 7 सितंबर को व्रत रखा जाएगा। वहीं, अन्य जगहों पर 8 सितंबर, मंगलवार को बछ बारस का व्रत किया जाएगा।
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बछ बारस पर न करें ये काम
बछ बारस के दिन कुछ कामों को करने की मनाही होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन महिलाओं को चाकू, कैंची या किसी अन्य धारदार चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके अलावा व्रत के नियमों के अनुसार भोजन तैयार करने में भी सावधानी बरतनी चाहिए।
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बछ बारस पर क्या खाएं-क्या नहीं?
बछ बारस के व्रत में गेहूं से बनी चीजों का सेवन नहीं किया जाता। इसलिए इस दिन रोटी, दलिया और गेहूं से बनी अन्य चीजों से परहेज किया जाता है। इसके बजाय महिलाएं मक्का, ज्वार, बाजरा और चने से बनी रोटी या अन्य चीजें खा सकती हैं।
कौन-सी दाल खाने की मनाही?
बछ बारस के दिन मूंग की दाल का सेवन भी नहीं किया जाता, ऐसी धार्मिक मान्यता है। इसके स्थान पर चना, मसूर, उड़द और अरहर यानी तुवर की दाल का सेवन किया जा सकता है।
गाय के दूध से बनी चीजें भी नहीं खाएं
चूंकि बछ बारस पर गाय और उसके बछड़े की पूजा की जाती है, इसलिए इस दिन गाय के दूध से बनी चीजें जैसे दूध, दही, मक्खन और घी का सेवन नहीं करने की मान्यता है। इसके स्थान पर भैंस के दूध से बनी चीजों का सेवन किया जा सकता है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
