क्या कर्नाटक में शनिवार को नया CM शपथ लेगा और सत्ता परिवर्तन तय हो चुका है? क्या सिद्धारमैया-शिवकुमार का संघर्ष कांग्रेस सरकार को बड़े राजनीतिक संकट में ले जा रहा है? क्या राहुल गांधी और आलाकमान का हस्तक्षेप पूरा सत्ता समीकरण बदल देगा? क्या यह सिर्फ नेतृत्व बदलाव है या कर्नाटक की राजनीति में बड़ा रणनीतिक खेल चल रहा है?

Karnataka Leadership Change: कर्नाटक के सियासी गलियारों में इस समय जबरदस्त भूचाल आया हुआ है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच लंबे समय से चली आ रही 'कुर्सी की जंग' अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने राज्य में 'सत्ता के सुचारू हस्तांतरण' का फॉर्मूला तैयार कर लिया है, जिसके तहत शनिवार (30 मई) को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह होने की प्रबल संभावना है। बेंगलुरु से लेकर नई दिल्ली तक मचे इस सियासी घमासान की पूरी कहानी नीचे सस्पेंस भरे घटनाक्रमों के साथ दी गई है:

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...और थमा दी गई विदाई की पर्ची: राहुल गांधी का वो आखिरी फरमान!

इस्तीफे का दबाव: कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने आखिरकार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पद छोड़ने का साफ संदेश दे दिया है।

  • दिल्ली से आया ऑफर: सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में लाने के लिए राज्यसभा सीट और दिल्ली में एक बड़ा संगठनात्मक पद देने की पेशकश की गई है।
  • बेटे के लिए 'पावर' एडजस्टमेंट: इस बड़े बदलाव के बदले सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को सरकार में उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ बेहद अहम मंत्रालय देने पर भी गहन चर्चा चल रही है।

कावेरी निवास पर वो 'हाई-प्रोफाइल' नाश्ता: जो लिखेगा कर्नाटक की नई किस्मत

सुबह की सीक्रेट मीटिंग: दिल्ली से सीधे बेंगलुरु लौट रहे डीके शिवकुमार गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 'कावेरी' पहुंचेंगे, जहां दोनों नेताओं के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण 'ब्रेकफास्ट मीटिंग' होनी है।

  • सस्पेंस खत्म करने की कोशिश: इस बैठक के बाद दोनों नेता संयुक्त रूप से मीडिया के सामने आ सकते हैं, ताकि चल रही अटकलों पर 'फुल स्टॉप' लगाया जा सके।
  • संकटमोचक की एंट्री: कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला भी बेंगलुरु पहुंच रहे हैं। भले ही उनका आधिकारिक एजेंडा स्थानीय चुनाव बताया जा रहा है, लेकिन असल मकसद सत्ता का सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित करना है।

पर्दे के पीछे का नया गेम प्लान: एक नहीं, कई 'डिप्टी सीएम' का चक्रव्यूह

जातिगत संतुलन की चुनौती: सिद्धारमैया के हटने से पिछड़े वर्गों और दबे-कुचले समुदायों में नाराजगी न फैले, इसके लिए आलाकमान एक नया फॉर्मूला लाया है।

  • कई उपमुख्यमंत्रियों की तैयारी: सरकार में संतुलन बनाए रखने के लिए कांग्रेस अलग-अलग समुदायों को प्रतिनिधित्व देते हुए राज्य में कई उपमुख्यमंत्री (Multiple Deputy CMs) बनाने पर विचार कर रही है।
  • शिवकुमार खेमे में जश्न: आधिकारिक घोषणा से पहले ही शिवकुमार के समर्थकों ने उन्हें भावी मुख्यमंत्री बताते हुए बधाई के बैनर और सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू कर दिए हैं।

'कुर्सी की होड़' पर विपक्ष का तीखा वार: ठप हुआ कर्नाटक का शासन?

  • बीजेपी का बड़ा आरोप: कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस नेता सिर्फ दिल्ली में सत्ता के बंटवारे और अपनी भूख मिटाने में व्यस्त हैं, जिससे राज्य का पूरा शासन-प्रशासन ठप हो गया है।
  • जेडीएस का तंज: जनता दल (सेक्युलर) ने भी तीखी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता 'कुर्सी की होड़' में इतने अंधे हो चुके हैं कि उन्हें किसानों की दुर्दशा और राज्य का विकास दिखाई ही नहीं दे रहा है।