
24 carat traitor: कांग्रेस नेता इन दिनों अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पीएम मोदी को रावण बताने वाले बयान पर बवाल अभी खत्म नहीं हुआ था कि अब सीनियर प्रवक्ता जयराम रमेश ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को 24 कैरेट का गद्दार कहकर राजनीति तापमान को बढ़ा दिया है। जयराम रमेश ने कहा कि बीजेपी में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया 24 कैरेट के गद्दार हैं और ऐसे नेताओं की कांग्रेस में एंट्री नहीं होगी। हालांकि, पार्टी छोड़ने वाले कपिल सिब्बल पर उन्होंने नरम दिली दिखाई और उन पर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की है।
कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं की वापसी के सवाल पर दे रहे थे जवाब
दरअसल, कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश में है। आगर मालवा पहुंची यात्रा के दौरान जयराम रमेश से पत्रकारों ने पूछा कि कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं की वापसी की कितनी संभावना है। इस पर जयराम रमेश ने कहा कि मुझे लगता है कि जो लोग कांग्रेस छोड़ चुके हैं, उनका वापस स्वागत नहीं किया जाना चाहिए। कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने पार्टी को छोड़ दिया और गाली दी, उनकी तो किसी भी सूरत में वापसी नहीं होगी। कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने पार्टी छोड़ने के बाद गरिमा बनाए रखी है, उन पर विचार किया जा सकता है।
इस पर किसी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की वापसी के बारे में पूछ लिया। रमेश ने बेहद तल्ख लहजे में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को 24 कैरेट का गद्दार करार दिया। रमेश ने कहा कि सिंधिया एक 'गद्दार', सच्चा गद्दार, असली गद्दार और 24 कैरेट का गद्दार है।
कपिल सिब्बल की तारीफ...
श्री रमेश ने कहा कि कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने गरिमापूर्ण तरीके से पार्टी छोड़ी है। कपिल सिब्बल ही हैं जिन्होंने बेहद गरिमापूर्ण तरीके से पार्टी छोड़ी। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने के बाद कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की लेकिन सिंधिया और हिमंत बिस्वा सरमा जैसे लोगों की तो किसी भी सूरत में वापसी कांग्रेस में नहीं होगी। रमेश ने कहा कि वह अपने पूर्व सहयोगी और एक बहुत अच्छे दोस्त कपिल सिब्बल के बारे में सोच सकते हैं।
रमेश की टिप्पणी पर बीजेपी का जवाब
जयराम रमेश की ज्योतिरादित्य सिंधिया पर टिप्पणी पर बीजेपी ने पलटवार किया है। भारतीय जनता पार्टी के मध्य प्रदेश इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल ने कहा कि सिंधिया एक मजबूत सांस्कृतिक जड़ों वाले 24 कैरेट के देशभक्त हैं। सिंधिया और हिमंत बिस्वा सरमा की अपने काम के प्रति 24 कैरेट की प्रतिबद्धता है। जयराम रमेश का कमेंट पूरी तरह से असम्मानीय और अलोकतांत्रिक है।
सिंधिया ने गिराई थी कांग्रेस सरकार
दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया 2019 का लोकसभा चुनाव अपने ही पूर्व पीआरओ केपी से हार गए थे। सिंधिया के खिलाफ बीजेपी ने केपी यादव को प्रत्याशी बनाया था। इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी। बीजेपी ज्वाइन करने के बाद सिंधिया ने अपने समर्थक करीब दो दर्जन विधायकों का इस्तीफा दिला दिया। इसके बाद राज्य में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई। शिवराज सिंह चौहान ने बीजेपी की सरकार बनाई। सिंधिया को बीजेपी ने राज्यसभा भेजने के साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी जगह दी। उधर, 2015 में असम कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे हिमंत बिस्वा सरमा ने भी राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए। राज्य में बीजेपी सरकार बनने के बाद उनको महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। दुबारा जब असम में बीजेपी की सरकार बनीं है तो सरमा को मुख्यमंत्री बनाया गया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद सरमा हार्डकोर हिंदुत्व वाली छवि को कायम रखे हुए हैं साथ ही वह लगातार कांग्रेस व राहुल गांधी पर निशाना साध रहे हैं।
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