
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश,पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में करारी हार का सामना करने के बाद कांग्रेस ने अब केंद्र सरकार के खिलाफ बिगुल फूंकने का फैसला किया है। शनिवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के नेतृत्व में महासचिव और सभी राज्यों के प्रभारियों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में महंगाई के मुद्दे पर अभियान चलाने का फैसला लिया गया।
सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं को पेट्रोल, गैस और डीजल की बढ़ी कीमत को लेकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्देश दिया। इसके बाद पार्टी की ओर से घोषणा की गई कि 31 मार्च को कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता पूरे देश में महंगाई को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान ड्रम और घंटी बजाकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 31 मार्च को लोग सुबह 11 बजे गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ बधिर भाजपा सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए गैस सिलेंडर और ढोल-घंटियों की थाप के साथ अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा की नीतियां अमीरों को फायदा पहुंचाती है और बाकी सबको निचोर देती है। एक तरफ लोगों की कमाई घट गई है दूसरी तरफ महंगाई ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। केंद्र की सरकार लोगों को तिल तिल कर तड़पा रही है।
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भाजपा से अभियान से कांग्रेस ने ली प्रेरणा
बता दें कि कांग्रेस का अभियान उस अभियान से प्रेरणा लेता हुआ दिखाई दे रहा है जो भाजपा ने देशव्यापी कोविड लॉकडाउन के दौरान चलाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य कर्मियों का आभार जताने के लिए लोगों से ताली और बर्तन पीटने को कहा था। लॉकडाउन के कारण कई दिनों से घरों में बंद लोग अपनी बालकनियों और बरामदे में दिखाई दिए थे और बर्तन, घंटियां और ढोल बजाकर स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल बढ़ाया था।
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