राजीव प्रताप रूडी ने बरकरार रखा कॉन्स्टिट्यूशन क्लब का पद, अपने हुए पराए, विरोधी सांसदों ने दिया साथ

Published : Aug 13, 2025, 10:42 AM IST
Constitution Club of India

सार

भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के सचिव का पद बरकरार रखा है। भाजपा के संजीव बालियान से उन्हें कड़ी टक्कर मिली। कई मंत्रियों ने साथ नहीं दिया। विपक्षी दलों के सांसदों ने रूडी का समर्थन किया।

Rajiv Pratap Rudy: भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के सचिव (प्रशासन) चुने गए हैं। वह इस पद पर पहले से थे। चुनाव में उन्होंने अपना पद बरकरार रखा और एक और कार्यकाल हासिल किया। चुनावी लड़ाई में उन्हें अपनी ही पार्टी के नेता संजीव बालियान से कड़ी टक्कर मिली। 12 अगस्त को हुए इस चुनाव की बड़ी चर्चा थी। रूडी को 354 प्रत्यक्ष वोट और 38 डाक मतपत्र मिले। कई रिपोर्टों में जीत का अंतर 64 से 100 वोटों के बीच बताया गया है।

छह बार सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके रूडी ने नागरिक उड्डयन से लेकर कौशल विकास तक कई मंत्रालय संभाले हैं। वह लाइसेंस प्राप्त कमर्शियल पायलट भी हैं। उन्हें अपने 25 साल के कार्यकाल के दौरान कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के बुनियादी ढांचे को बदलने का श्रेय दिया जाता है। वहीं, संजीव बालियान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से पूर्व सांसद और कृषि एवं जल संसाधन राज्य मंत्री रह चुके हैं। बालियान अपने जाट समुदाय के आधार और जमीनी राजनीतिक शैली के लिए जाने जाते हैं।

 

 

चुनाव में रूडी और बालियान के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। बालियान ने जोरदार चुनौती पेश की। उन्हें निशिकांत दुबे जैसे भाजपा सहयोगियों का खुला समर्थन हासिल था। दूसरी ओर रूडी को कई विपक्षी सांसदों का समर्थन प्राप्त था। जाति एक कारक बन गई, सामुदायिक पूर्वाग्रह भी खुले तौर पर सामने आए।

कई मंत्रियों ने टीडीपी को दिया खुला समर्थन

भाजपा के कई मंत्रियों और सहयोगी दलों शिवसेना और टीडीपी ने बालियान को खुला समर्थन दिया। वहीं, रूडी अपने भरोसेमंद समर्थकों पर निर्भर रहे। एक जानकार के अनुसार चुनाव रूडी विरोधी बनाम रूडी समर्थक बन गया था। उनका विरोधी गुट क्लब के संचालन के तरीके को चुनौती दे रहा था। विरोधियों का कहना है कि क्लब में नौकरशाहों के प्रवेश ने सांसदों का इस पर विशेषाधिकार छीन लिया है। महिलाएं क्लब की सुविधाओं से दूर रह रही हैं।

दूसरी ओर रूडी समर्थकों ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक इस क्लब का नेतृत्व किया है। जब भाजपा सत्ता में नहीं थी तब भी संघ के कार्यक्रमों, पार्टी और विपक्ष को यहां जगह दी। उन्हें पता है कि दिल्ली के सांसदों के क्लब को कैसे चलाया जाता है।

 

 

क्या है कॉन्स्टिट्यूशन क्लब?

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब की स्थापना संविधान सभा के सदस्यों के लिए 1947 में की गई थी। 1965 में इसका औपचारिक रूप से उद्घाटन किया गया। यह लुटियंस दिल्ली के सबसे खास स्थानों में से एक बन गया है। इसकी संचालन परिषद का नेतृत्व लोकसभा अध्यक्ष करते हैं। सचिव (प्रशासन) जैसे पद कार्यक्रमों, सुविधाओं और सदस्यों की सहभागिता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं। रूडी के लंबे कार्यकाल में यह क्लब एक जर्जर अवशेष से स्पा, स्विमिंग पूल, रेस्टोरेंट और आधुनिक आयोजन स्थलों वाले एक आलीशान केंद्र में बदल गया है।

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