
नई दिल्ली। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर (B. R. Ambedkar) की जयंती के मौके पर मनाया जाने वाला संविधान दिवस कार्यक्रम इस साल राजनीतिक लड़ाई का शिकार हो गया है। कांग्रेस ने इसके बहिष्कार का फैसला किया है। शुक्रवार को संसद भवन के सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस (Constitution Day) कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया है। कुछ अन्य दल भी कार्यक्रम का बहिष्कार कर सकते हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं समेत लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है, लिहाजा वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। सूत्रों के अनुसार द्रमुक, शिवसेना, आरएसपी, राकांपा, सपा, टीएमसी, भाकपा, माकपा, राजद, झामुमो और आईयूएमएल के भी इस बहिष्कार में शामिल होने की संभावना है।
इसलिए मनाया जाता है संविधान दिवस
बता दें कि साल 2015 में संविधान के निर्माता डॉ. आंबेडकर के 125वें जयंती वर्ष के रूप में 26 नवंबर को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इस दिवस को 'संविधान दिवस' के रूप में मनाने के केंद्र सरकार के फैसले को अधिसूचित किया था। संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।
ये भी पढ़ें
विभाजन से न भारत खुश है न पाकिस्तान, बंटवारा खत्म करके ही दूर होगा दर्द: मोहन भागवत
Pegasus Scandal से बैकफुट पर इजराइल: 65 देशों को नहीं बेचेगा साइबर टेक्नोलॉजी, भारत बैन से बाहर
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.