
नई दिल्ली. रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V लगवाने के इच्छुक लोग अब कोविन एप के जरिये रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस वैक्सीन की कोविन एप पर एंट्री हो गई है। इस वैक्सीन के लिए डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज ने अपोलो अस्पताल से एग्रीमेंट किया है। इसके साथ ही सोमवार से इस वैक्सीन के लगने की हैदराबाद से शुरुआत हुई। इस वैक्सीन का एक डोज 1250 रुपए में पड़ेगा। इसमें अपोलो अस्पताल का खर्चा भी शामिल होगा। इसके लिए कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं।
एक महीने में अपोलो को मिलेंगे 10 लाख डोज
स्पूतनिक-V लगने की शुरुआत सोमवार को हैदराबाद से हुई। मंगलवार को यह विशाखापट्टनम में लगना शुरू हुई। धीरे-धीरे यह दिल्ली, मुंबई, बेंगुलुरु, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता और पुणे तक विस्तार कर लेगी। अपोलो अस्पताल की ज्वाइंट डायरेक्टर संगीता रेड्डी ने बताया कि इस महीने तक वैक्सीन की 10 लाख डोज मिल जाएंगी। अस्पताल के अध्यक्ष(चिकित्सा प्रभाग) हरि प्रसाद ने उम्मीद जताई कि वैक्सीन की उपलब्धता आसान होगी।
स्पुतनिक-V को इन देशों में इमरजेंसी अप्रूवल मिला
भारत के अलावा इस वैक्सीन को पड़ोसी देश नेपाल और बांग्लादेश के साथ ही तुर्की, चिली और अल्बानिया, रूस, बेलारूस, अर्जेंटीना, बोलीविया, सर्बिया, अल्जीरिया, फिलिस्तीन, वेनेजुएला, पैराग्वे, तुर्कमेनिस्तान, हंगरी, यूएई, ईरान, रिपब्लिक ऑफ गिनी, ट्यूनीशिया, आर्मेनिया, मैक्सिको, निकारागुआ, रिपब्लिका श्रीपस्का, लेबनान, म्यांमार, पाकिस्तान, मंगोलिया, बहरीन, मोंटेनेग्रो, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, गैबॉन, सैन-मेरिनो, घाना, सीरिया, किर्गिस्तान, गुयाना, मिस्र, होरासुर, ग्वाटेमाला, मोल्दोवा, स्लोवाकिया, अंगोला, कांगो गणराज्य , जिबूती, श्रीलंका, लाओस, इराक, उत्तरी मैसेडोनिया, केन्या, मोरक्को, जॉर्डन, नामीबिया, अजरबैजान, फिलीपींस, कैमरून, सेशेल्स, मॉरीशस, वियतनाम, एंटीगुआ और बारबुडा, माली और पनामा में इमरजेंसी अप्रूवल मिल चुका है।
1 मई से वैक्सीनेशन का महाअभियान
कोरोना संक्रमण से लोगों की सुरक्षा के लिए 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू किया गया है। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम चल रहा है।
हाल में मिली थी स्पुतनिक-V को मंजूरी
इस वैक्सीन को पिछले दिनों ही भारत में इमरेंसी अप्रूवल मिला था। भारत में रूस के उप राजदूत रोमन बाबुश्किन के अनुसार, भारत द्वारा स्पूतनिक वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल देकर दोनों देशों के बीच स्पेशल पार्टनरशिप के नए दरवाजे खोले हैं। भारत में Sputnik V वैक्सीन बना रही डॉ रेड्डी लैब ने वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मांगी थी। रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड(RDIF) एजेंसी ने बताया कि स्पूतनिक वी कोरोना वैक्सीन को परमिशन देने वाला भारत 60वां देश है। RDIFके सीईओ किरिल दिमित्रेव (Kirill Dmitriev) ने कहा कि भारत में इस वैक्सीन की हर साल 850 मिलियन डोज बनने जा रही हैं। यह दुनियाभर के करीब 425 मिलियन लोगों के लिए पर्याप्त हैं। इस वैक्सीन के लिए 10 देशों के बीच पार्टनरशिप हुई है।
भारत में रामबाण साबित हो सकती है स्पुतनिक-V
कहा जा रहा है कि यह वैक्सीन भारत बायोटेक की Covaxin और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की Covishield से ज्यादा असरदार है। ऐसे में इस वैक्सीन से नतीजे और बेहतर मिल सकते हैं। इसके अलावा Sputnik V वैक्सीन की खास बात ये है कि इसे 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच स्टोर किया जा सकता है। इसी तरह कोविशील्ड और कोवैक्सिन को स्टोर करना भी आसान और सुविधाजनक है। Sputnik की भी दो डोज देनी पड़ेंगी।
क्या होता है इमरजेंसी अप्रूवल?
वैक्सीन, दवाओं, डायग्नोस्टिक टेस्ट्स और मेडिकल डिवाइसेज के लिए इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन लिया जाता है। भारत में इसके लिए सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) रेगुलेटरी बॉडी है। CDSCO वैक्सीन और दवाओं के लिए उनकी सेफ्टी और असर के आकलन के बाद ऐसा अप्रूवल देता है।
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