
नई दिल्ली. देश में कोरोना की दूसरी लहर जारी है। इस लहर में अब तक 269 डॉक्टर्स भी अपनी जान गंवा चुके हैं। यह जानकारी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दी। इन डॉक्टरों ने पिछले 2 महीने में अपनी जान गंवाई है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डाटा के मुताबिक, डॉक्टरों की सबसे ज्यादा मौतें बिहार और उत्तर प्रदेश में हुई हैं। बिहार में 78 डॉक्टर्स की मौत हुई है। जबकि उत्तर प्रदेश में 37 डॉक्टरों ने अपनी जान गंवाई है। जबकि दिल्ली में 28 डॉक्टरों को महामारी ने अपनी चपेट में लिया है।
पहली लहर में 748 डॉक्टर्स की हुई थी मौत
कोरोना की पहली लहर में 748 डॉक्टर्स ने अपनी जान गंवाई थी। आईएमए ने बताया कि अब तक 1000 से ज्यादा डॉक्टर्स की मौत कोरोना से इस जंग में हो चुकी है। हालांकि, आईएमए का कहना है कि यह आंकड़ा और ज्यादा हो सकता है, क्योंकि आईएमए के पास सिर्फ 3.5 लाख डॉक्टर्स का रिकॉर्ड है। जबकि देश में 12 लाख से ज्यादा डॉक्टर्स हैं।
अब तक देश में कुल हेल्थ वर्कर्स में से 66%
आईएमए के मुताबिक, अब तक देश में कुल हेल्थ वर्कर्स में से 66% को वैक्सीन लग चुकी है। वहीं, सोमवार को पीएम मोदी ने बताया था कि करीब 90% हेल्थ वर्कर्स को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है।
क्यों हुई डॉक्टर्स की मौत
आईएमए के डॉ अनिल गोयल ने बताया कि जो डॉक्टर कोविड यूनिट में दिन रात काम कर रहे हैं। हो सकता है वैक्सीनेशन के बाद भी उनकी इम्यूनिटी उतनी न हो जिससे वे कोविड के नए वेरिएंट से पार पा सकें, इसलिए डॉक्टरों की ज्यादा मौतें हो रही हैं। डॉक्टरों और प्रशासन को कहना चाहता हूं कि 6-8 घंटे से ज्यादा काम न करें।
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