केंद्र का निर्देश - मेडिकल ऑक्सीजन का 48 घंटे का स्टॉक रखें अस्पताल, जिलों में कंसंट्रेटर की व्यवस्था करें

Published : Jan 12, 2022, 10:42 AM ISTUpdated : Jan 12, 2022, 11:15 AM IST
केंद्र का निर्देश - मेडिकल ऑक्सीजन का 48 घंटे का स्टॉक रखें अस्पताल, जिलों में कंसंट्रेटर की व्यवस्था करें

सार

COVID-19 INDIA : केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपाय करने के लिए लिखा है। इसमें कहा गया है कि अस्पतालों के पास कम से कम 48 घंटे का ऑक्सीजन का बफर स्टॉक होना चाहिए।

नई दिल्ली। पिछले चौबीस घंटे में देश में 1.90 लाख से अधिक कोरोना के नए मरीज मिले हैं। इनकी बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार गंभीर है। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण (Rajesh Bhushan) ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन (Medical Oxygen) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपाय करने के लिए पत्र लिखा है। अपने पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कहा है कि जहां कोविड के मरीजों का इलाज हो रहा है, उन स्वास्थ्य सेवाओं के पास कम से कम 48 घंटे के लिए पर्याप्त मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन का बफर स्टॉक होना चाहिए। उन्होंने मेडिकल ऑक्सीजन बनाने वाले प्लांट पर के रखरखाव पर भी ध्यान देने को कहा  है। पत्र में कहा गया है कि इन प्लांट्स के  कामकाज और पर्याप्त ऑक्सीजन सांद्रता की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।  

ऑक्सीजन टैंकों के निर्बाध आवागमन की व्यवस्था करें
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि कोरोना का इलाज करने वाले सभी अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की 48 घंटे का स्टॉक रखना सुनिश्चित करें। लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई करने वाले टैंकों की उपलब्धता पर ध्यान दें। इन्हें भरने और इनके निर्बाध रूप से आवागमन की व्यवस्था की जाए। सभी राज्य यह सुनिश्चित करें कि फंक्शनल प्रेशर स्विंग एडसोर्प्शन (PSA) प्लांट पूरी तरह से काम कर रहे हैं। इन्हें दुरुस्त रखने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं। सभी राज्यों से कहा गया है कि वे ऑक्सीजन सिलेंडरों की पर्याप्त व्यव्स्था कर ले और यह सुनिश्चित करे कि यह भरे हों और जरूरत के लिए तैयार हों। 
 
ऑक्ससीजन कंसंट्रेटर पर भी ध्यान 
पत्र में कहा गया है कि सभी जिले ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की समुचित व्यवस्था करें और यह सुनिश्चित करें कि यह सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। यदि मेंटेनेंस की जरूरत है तो तुरंत कराएं। लाइफ सपोर्ट के उपकरण जैसे वेंटिलेटर, BiPAP, SpO2 सिस्टम आदि की व्यवस्था करें और सुनिश्चित करें कि इनकी पर्याप्त उपलब्धता हो। 

सभी स्वास्थ्य सेवाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाएं
पत्र में कहा गया है कि प्राइवेट अस्पतालों के साथ समन्वय बनाएं। जो अस्पताल ऑक्सीजन थेरेपी दे रहे हैं, उनका मूल्यांकन करें और उनकी ऑक्सीजन इन्फ्रास्ट्रक्चर की क्षमता को बढ़ाएं। सभी राज्य मेडिकल ऑक्सीजन से लेकर सभी स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाएं। 

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