
नई दिल्ली। दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे एक युवक को प्रेमिका की तलाश थी। इसी तलाश में वह डेटिंग ऐप (Dating App) की ठगी की जाल में फंस गया। वह एक लड़की से मिलने कैफे में गया। उसने लड़की के साथ खाना खाया। इसका बिल 1.20 लाख रुपए आया। यह टिंडर स्कैम (Tinder scam) के नाम से कुख्यात डेटिंग ऐप धोखाधड़ी का एक उदाहरण है। ऐसा बहुत से लोगों के साथ हुआ है। खाने का बिल हजारों-लाखों में आता है। दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में डेटिंग ऐप की मदद से धोखाधड़ी करने वालों ने जाल बिछा रखा है। इनकी ठगी के बहुत से शिकार इज्जत जाने के डर से शिकायत नहीं करते, इसके चलते अधिकतर मामले सामने नहीं आते।
रेडिट पर इन दिनों डेटिंग ऐप से की जा रही लूट को लेकर कई पोस्ट किए गए हैं। इनमें बताया गया है कि डेटिंग ऐप्स पर मिली महिलाओं के साथ डेट के दौरान खाने के नाम पर अत्यधिक बिल चुकाना पड़ा। उनके साथ धोखा किया गया।
पीड़ितों को कैसे लुभाते हैं जालसाज?
पीड़ित महिला से टिंडर, बम्बल, हिंज और ओकेक्यूपिड जैसे डेटिंग ऐप पर मिलता है। महिला आसानी से अपना व्हाट्सएप नंबर शेयर करती है। इसके बाद दोनों बात करने लगते हैं। वे जल्द ही मिलने की प्लानिंग करते हैं। महिला जोर देती है कि वह एक खास इलाके में मिल सकती है वह भी खास कैफे या पब में ही। इन कैफे या पब के मालिकों से जालसाजों की सांठगांठ रहती है।
कैफे में महिला ऑर्डर देती है। साथी को प्रभावित करने की कोशिश में लगे पीड़ित को पता ही नहीं चलता कि उसे शिकार बनाया जा रहा है। महिला कुछ ऐसा ऑर्डर करती है जो मेन्यू में न हो। खाना खत्म होने से पहले ही महिला किसी बेहद जरूरी काम का बहाना करती है और निकल जाती है। इसके बाद पीड़ित अकेला बचता है। खाने का बिल हाजरों-लाखों में आता है। विरोध करने पर कैफे के कर्मचारी या बाउंसर धमकाते हैं। विकल्प चारा नहीं होने के चलते अधिकतर पीड़ित पैसे चुकाते हैं। घर के लोगों को पता नहीं चले इस डर से अधिकतर पीड़ित पुलिस में शिकायत नहीं करते।
धोखाधड़ी के इस खेल में शामिल होते हैं कई खिलाड़ी
दिल्ली में आईएएस की तैयारी कर रहे युवक के साथ ठगी करने के मामले में पुलिस की जांच चल रही है। पुलिस ने कैफे के मालिक अक्षय पाहवा और पीड़ित की 'डेट' अफसान परवीन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि इस धोखाधड़ी में कई खिलाड़ी शामिल हैं। इसमें कैफे मालिकों, मैनेजर और महिलाओं का गिरोह सक्रिय है।
कैफे के मालिक अक्षय पाहवा ने पुलिस को बताया कि बिल का 15 फीसदी हिस्सा महिला को मिलता है। 45 फीसदी मैनेजर्स में बंटता है। बचा हुआ 40 फीसदी कैफे मालिक को मिलता है।
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रेडिट पर एक पीड़ित ने बताया कि कैफे में कुछ कपल पटाखे जला रहे थे। लड़की ने जोर देकर कहा कि हमें भी ऐसा करना चाहिए। मैंने उसे शायद 100 बार नहीं कहा, लेकिन उसने पटाखे मंगवाए और जलाया। मैं इसमें शामिल नहीं हुआ। इसके बाद मेरी उसमें रुची खत्म हो गई। मैंने बिल मांगा। मैंने हिसाब लगाया था कि बिल 7-10 हजार होना चाहिए, लेकिन बिल 45 हजार का आया।
दिल्ली-मुंबई समेत कई बड़े शहरों में चल रही ऐसी धोखाधड़ी
जांच के क्रम में पुलिस को पता चला कि दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत कई बड़े शहरों में इस तरह की धोखाधड़ी चल रही है। एक ही महिला डेटिंग ऐप्स पर कई लोगों से संपर्क करती है और पब में आने के लिए लुभाती है।
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